DA Image
Monday, November 29, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश बलियाचार महीने की नींद से कल जागेंगे श्रीहरि विष्णु

चार महीने की नींद से कल जागेंगे श्रीहरि विष्णु

हिन्दुस्तान टीम,बलियाNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 05:01 PM
चार महीने की नींद से कल जागेंगे श्रीहरि विष्णु

बलिया। संवाददाता

कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष एकादशी को आमतौर पर देवोत्थान एकादशी कहा जाता है। इस साल यह 15 नवम्बर यानि आज सोमवार को है। इस दिन तुलसी विवाह की परम्परा प्राचीन समय से है।

कार्तिक व एकादशी के महात्मय पर प्रकाश डालते हुए जिले के इंदरपुर थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि हिंदू धर्म में कार्तिक महीने का विशेष महत्व है। वैसे तो इस महीने का प्रत्येक दिन अपनी विशिष्टताओं के लिए खुद में समेटे हुए है, इसीलिए इसे तीज, त्योहारों के प्रतीक माह के रूप में मनाया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से इस माह का प्रत्येक दिन धार्मिक व शारीरिक समृद्धि के लिए लोक कल्याणकारी है।

डॉ. उपाध्याय ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी से प्रारम्भ होने वाला श्री हरि का चातुर्मासीय योग निद्रा काल कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को पूर्ण हो जाता है। सम्पूर्ण जगत के पालनहार यानि श्रीहरि भगवान विष्णु के सम्मान में श्रद्धालु देव शक्तियों को उठो देवा, बैठो देवा अंगुरिया चटखाओ देवा की अनुहार के साथ जगाते हैं। श्री हरि को अंगुरिया चटकाने और अंगड़ाई लेकर उठने की इस प्रार्थना के पीछे यह दिव्य आध्यात्मिक संदेश निहित है कि सूर्यनारायण की दिशा परिवर्तन के साथ वर्षाकाल की प्रमुक्ति व आवस्य की अवधि बीत चुकी होती है। देवशक्तियों पुन: जागृत होकर धरती वासियों पर अनुदान व वरदान बांटने को तत्पर है। श्री हरि विष्णु के शयन के चलते चातुर्यमास्य काल में विवाह आदि मांगलिक कार्यों के आयोजन निषिद्ध रहता था। लेकिन देवोत्थान एकादशी के साथ समस्त मांगलिक कार्य होने लगते हैं।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें