कटान से सरयू नदी में विलीन हुए गेहूं लगे खेत
Balia News - बरसात और बाढ़ के सीजन से पहले, दियरांचल के वशिष्ठ नगर और गोपालनगर में सरयू नदी कटान शुरू कर चुकी है। पिछले एक सप्ताह में कई खेतों को नुकसान हुआ है और लगभग 50,000 लोगों की आबादी पर संकट मंडरा रहा है। कटानरोधी परियोजनाओं को रद करने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। बरसात और बाढ़ के आने का सीजन अभी दूर है लेकिन दियरांचल के वशिष्ठ नगर और गोपालनगर सिवान के पश्चिम टोला में अभी से कटान शुरू हो गई है। पिछले कुछ दिनों से यहां सरयू नदी रोजाना लगभग तीन किमी लंबाई तथा 10 से 15 फीट चौड़ाई में उपजाऊ जमीन को अपने आगोश में लेते हुए बस्ती की ओर बढ़ रही है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल लगी है। कटान से वह भी विलीन हो रहा है। कटान का रुख देखकर गांवों के लोग सहम गए हैं। दूसरी ओरी दियरांचल में कटानरोधी पांच परियोजनाओं को शासन ने रद कर दिया है।
इससे इनमें आक्रोश भी है। चार गांवों की लगभग पचास हजार की आबादी पर संकट मंडरा रहा है। सरयू की कटान के चलते पिछले एक सप्ताह में गोपालनगर के सुरेश यादव, रामनाथ याादव, बब्बन पासवान, देवनाथ यादव, हंसराज यादव, किशन यादव के गेहूं लगे खेत कट गए हैं। इससे इनकी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब दस वर्षों में मांझा से बकुलहा तक करीब छह किमी लम्बाई में सरयू के कटान में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि विलीन हो चुकी है। जबकि तीन वर्ष के अंदर गोपालनगर टाड़ी के करीब 250 घरों को नदी निगल चुकी है। पिछले साल बाढ़ के दिनों में गोपालनगर पश्चिम टोला के सामने जबरदस्त कटान शुरू हुई। ग्रामीणों ने कई दिनों तक आंदोलन किया। तब सिंचाई विभाग ने 53.42 करोड़ की लागत से कटानरोधी कार्य के लिए इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा। गोरखपुर और लखनऊ से पांचों परियोजनाओं की स्वीकृति भी मिल गई लेकिन टीएसी की बैठक में सभी परियोजनाओं को रद कर दिया गया। ऐसे में दियराचंल के लोग मायूस हैं। फिलहाल कटान शुरू है। यदि कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो दियरांचल का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। गोपालनगर के पूर्व प्रधान प्रदीप यादव, राजू सिंह, अमरजीत साहनी, मनजी यादव, सुनील यादव, शिवमुनी यादव, श्रीभगवान यादव, रघुनाथ यादव आदि ने बताया कि अभी से कटान शुरू है। समय रहते कार्य नहीं किया गया तो बाढ़ के दिनों में तबाही मच जायेगी। गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर व शिवाल में सरयू की तेज को कटान को देखते हुए पांच परियोजनाओं के लिए प्राक्कलन बनाकर शासन को प्रेषित की गई थीं। उन्हें रद कर दिया गया है। मौजूदा समय में कटान रोधी कार्य कराने के लिए कोई परियोजना नही है। फिलहाल हो रहे कटान से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। निर्देश के अनुसार कार्य किया जाएगा। आकाश यादव, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग
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