DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › बलिया › पुरखों की निशानी को बचाने का दोहराया संकल्प
बलिया

पुरखों की निशानी को बचाने का दोहराया संकल्प

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Thu, 08 Jul 2021 03:21 AM
पुरखों की निशानी को बचाने का दोहराया संकल्प

सिकंदरपुर। पंदह ब्लॉक के ग्राम सभा बड़सरी में बुधवार को वन विभाग के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जैव विविधता बोर्ड की ओर से चयनित ‘विरासत वृक्ष के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। डीएफओ श्रद्धा यादव ने कहा कि यह विरासत वृक्ष पुरखों की निशानी है। इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। विभाग की ओर से इसकी पहल भी शुरू कर दी गयी है। जल्द ही विशेषज्ञों की एक टीम इसका निरीक्षण कर इसके क्षरण को रोकने के लिए आवश्यक कार्य करेगी। उन्होंने ग्रामीणों से पर्यावरण संरक्षण को सुरक्षित करने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करने की भी अपील की। कहा कि जल्द ही गांव को पर्यावरण की दृष्टि से और बेहतर बनाने के लिए स्मृति वाटिका भी बनाया जाएगा।

मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजधारी ने कहा कि वृक्ष धारा की शोभा है। हमारे पुरखों की विरासत आज हमारी पहचान बन रही है। हमें भी ऐसा प्रयास करना चाहिए कि भावी पीढ़ी हमारे कार्यों को याद कर गौरवांवित महसूस करे। वन विभाग ने इस वट वृक्ष को विरासत वृक्ष घोषित कर ऐतिहासिक कार्य किया है। उम्मीद है कि विभाग इसके संरक्षण व संवर्धन का पूरा प्रयास करेगा।

विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक दीनानाथ चौधरी ने विरासत वृक्ष घोषित करने पर विभाग को बधाई दी। अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि इस गांव से पुराना नाता रहा है। करीब तीन दशक से इस वृक्ष को देख रहा हंू। समय के साथ निश्चित ही इसमे क्षरण हुआ है लेकिन अब इसको बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसकी जिम्मेदारी विभाग के साथ-साथ हम सबकी भी है। इस दौरान विद्यालय परिसर में आम, जामुन, पीपल, पाकड़, कदम्ब व सहजन के पौधे रोपित किये गए। इस मौके पर उपप्रभागीय वनाधिकारी रसड़ा विद्या प्रसाद गुप्त, क्षेत्रीय वनाधिकारी आदित्य प्रताप सिंह, उपक्षेत्रीयवन अधिकारी कौशल किशोर तिवारी, भूपेंद्र नाथ तिवारी, प्रधान शिवानंद तिवारी आदि थे।

संबंधित खबरें