Balia News: घर-घर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरू हुई तैयारी

हिन्दुस्तान, बलिया
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Balia News: बलिया, संवाददाता। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव चार सितम्बर यानि कल शुक्रवार को मनाया

Balia News: घर-घर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरू हुई तैयारी

Balia News: बलिया, संवाददाता। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव चार सितम्बर यानि कल शुक्रवार को मनाया जायेगा। इसको लेकर घर-घर में तैयारी शुरू हो गई है। साथ ही मंदिर, पुलिस लाइन और थानों पर विशेष आयोजन होगा। इस दिन लोग व्रत रखते हैं तथा रात मे भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण होने पर भजन-कीर्तन और मंगलगान करते हैं। इसको लेकर शहर से गांव तक के बाजार में दुकानें सजने लगी हैं। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। दुकानों पर श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के फोटो, सजावट के सामान श्रीकृष्ण का झूला, पालना आदि की खरीदारी कर रहे हैं। फोटो और पोस्टरों में श्रीकृष्ण के बालरूप, तो कहीं गायों के साथ, तो कहीं पुतना के गोद में।

नंदजी के सिर पर टोकरी में लेटे कृष्ण के ऊपर शेषनाग की छतरी वाला पोस्टर खरीदने के प्रति लोग बेहद आकर्षित हो रहे हैं।फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने इस व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण विष्णु के आठवां अवतार है, जो 16 कलाओं से विभूषित है। उनके अवतरण उत्सव भादो महीना के कृष्ण पक्ष अष्टमी को मनाया जाता है, जो इस बार चार सितम्बर को पड़ रहा है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि करीब 15 साल बाद भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण वाले नक्षत्र रोहिणी में जन्माष्टमी होगा। ऐसे में इस दिन व्रत रखकर पूजन करने का फल बहुगुणित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण के पूजन में हरसिंगार, पीले फूलों का प्रयोग जरूरी करना चाहिए तथा मोर पंख को पूजन स्थान पर अर्पित करें। पीले वस्त्र धारण कराएं। धनिया पंजीरी,सफेद मिठाई , मिश्री युक्त खीर का भोग लगाएं, लेकिन उसमें तुलसीपत्र अवश्य डालें। आचार्य डॉ. उपाध्याय ने बताया कि पद्म पुराण के सृष्टिखंड में वर्णन है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म चंद्रमंडल के अधिष्ठाता चंद्रमा के चंद्र वंश में हुआ था, वह महाराज यदु के वंशज हैं।

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