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बलिया में रिंग बंधे पर संकट, तीन गांव खाली करने का आदेश

मीडियम फ्लड से ऊपर बह रही गंगा का तेवर बुधवार को काफी तल्ख हो उठा। नदी की बैंकरोलिंग कर रही लहरों ने पलक झपकते ही दूबेछपरा रिंग बंधे को 25 मीटर की लम्बाई में अपने पेटे में समेट लिया। इससे बंधे के अंदर के गांव उदयीछपरा, दूबेछपरा, गोपालपुर के करीब आठ हजार की आबादी मे भगदड़ मच गयी। सूचना पर एसपी श्रीपर्णा गांगुली के साथ कई थानों की पुलिस पहुंची। मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस गांव खाली करने की सूचना माइक से प्रचारित करने लगी। मौके पर लोगों की आवाजाही भी बंद करा दी गयी। एसडीएम व तहसीलदार भी पहुंच गए। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पेड़ों की टहनिया, पत्थर के बोल्डर, ईंट के टुकड़े आदि के सहारे कटान रोकने का प्रयास शुरू कराया। गांव के  युवाओं ने भी बंधा को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। जिस वक्त बंधा नदी की गोद में समा रहा था, उसके कुछ देर पहले ही डीएम भवानी सिंह खंगारौत केहरपुर व सुघरछपरा में एनडीआरएफ की नाव पर बाढ़ का निरीक्षण कर वापस हुए थे। 

गंगा की लहरों ने बुधवार को जमकर कहर बरपाया। देखते ही देखते पिछले वर्ष बने कटानरोधी स्पर के 50 मीटर दक्षिण करीब 25 मीटर की लम्बाई में दूबेछपरा रिंग बंधा नदी में समाहित होने लगा। इससे अन्दर के गांवों में भगदड़ मच गयी। लोग अपना समान एनएच-31 के साथ ही अपने-अपने छतों पर सहेजने लगे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग (बाढ़ खंड) के अधिकारियों ने कटान रोकने का प्रयास तेज कर दिया। एक समय तो अधिकारी ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए साहस ही नहीं दिखा रहे थे। प्रशासन के पूर्ण सुरक्षा के आश्वासन के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

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  • Web Title:Order on embezzlement of rings in Ballia three villages vacant