श्रीराम विवाह प्रसंग के जरिए बेटी बचाने का दिया संदेश
Balia News - रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नवकुंडीय
रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नवकुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ के छठवें दिन गुरुवार को देर शाम संगीतमयी श्रीराम कथा में पंडित गौरांगी गौरी ने राम सीता विवाह कथा, जनकपुर के धनुष यज्ञ, भगवान राम द्वारा शिव धनुष तोड़ने और सीता द्वारा वरमाला डालने के दिव्य प्रसंग को बड़े भाव और मधुर स्वर में श्रद्धालुओं को सुनाया। कथा में आगे उन्होंने कहा कि राजा जनक के शर्त के अनुसार कोई भी राजा शिव धनुष को नहीं तोड़ पाया। प्रभु श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव धनुष को तोड़ा और माता सीता ने हर्षित होकर श्रीराम के गले में वरमाला पहनाया।
तत्पश्चात राम सीता विवाह संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि बेटी नहीं बचाओगे तो बहू कहां से लाओगे, इसलिए बेटा और बेटी में फर्क करना बंद करो। नहीं तो आने वाले दिनों में बहु मिलना असंभव हो जाएगा। उन्होंने दहेज प्रथा को समाप्त करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कन्यादान से बढ़कर कोई दान नहीं है। पुराणों में भी कहा गया है कि एक कन्यादान का फल एक अश्वमेघ यज्ञ के बराबर होता है, इसलिए किसी भी बेटी को कष्ट मत दो, जिस घर में बहू का अपमान होता है उस घर में लक्ष्मी का वास कभी नहीं होता है। यज्ञ के मुख्य आचार्य अश्विनी पाराशर के नेतृत्व में आचार्यगणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण व शंखनाद से पूरा यज्ञ स्थल भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा। शुक्रवार को सातवें दिन मंडप परिक्रमा के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त उमड़े, जयघोष के बीच सभी ने परिक्रमा किया। गुरुवार की रात राम कथा में आए देवरिया सदर के विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने आरती में भाग लिया। उन्होंने धार्मिक उद्बोधन से यज्ञ में शामिल सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस मौके पर गोविंद नारायण सिंह, ऋषि राज सिंह, कृष्णा राज सिंह, राज लक्ष्मी सिंह, मीरा सिंह आदि थे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


