मुस्लिमों ने एहतराम के साथ रोजा रख अल्लाह की इबादत
Balia News - बलिया, संवाददाता। रमजान के पाक महीने में जिले भर के मुस्लिम लोगों ने

बलिया, संवाददाता। रमजान के पाक महीने में जिले भर के मुस्लिम लोगों ने शनिवार को भोर में सहरी करके एहतराम के साथ दसवां रोजा रखा। रोजेदारों ने मस्जिदों में अल्लाह की इबादत के साथ ही कुरआन की तिलावत की। पांच वक्त की नमाज के साथ ही तरावीह की बीस रेकात विशेष नमाज अदा की। रोजेदारों ने शाम को मगरीब की अजान होने पर खजूर और पानी से रोजा खोला। रमजान का पहला अशरा खत्म हो गया और दूसरा अशरा शुरू हो गया। मुफ्ती नसीम जफर कासमी ने बताया कि अल्लाहतआला इस अशरे में रोजेदारों को अपनी मगफिरत से नवाजता है जो मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी कामयाबी है।
यदि कोई मुसलमान इस अशरे में अपने पिछले सभी गुनाहों यानी पापों को ईमानदारी से तौबा करता है तो अल्लाहतआला अपने बंदों से खुश होकर रोजे की बरकत से उनके सारे गुनाहों को माफ कर देता है। मुफ्ती कासमी ने बताया कि हदीश शरीफ में इस अशरे को बख्शीश का महीना कहा गया है इस अशरे की दुआ है कि मैं अल्लाहतआला से तमाम गुनाहों की माफी मांगता हूं, जो मेरा रब है और उसी के तरफ मैं लौटता हूं। हजरत मुहम्मद साहब खुद इस महीने में बहुत तौबा करते थे और दिल से माफी मांगते थे। खुशनसीब होते हैं वे लोग जो इस महीने में रोजे और इबादत के जरिए अल्लाहतआला को राजी कर लेते हैं। हिसं रसड़ा, बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, नगरा, चितबड़ागांव, गड़वार, रतसर के अनुसार रमजान माह के दसवें दिन शनिवार को मुस्लिम लोगों ने एहतराम के साथ रोजा रखा और अल्लाह की इबादत की।
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