Tuesday, January 25, 2022
हमें फॉलो करें :

मल्टीमीडिया

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश बलियारात ढलने के साथ ही जवान होता गया मुशायरा

रात ढलने के साथ ही जवान होता गया मुशायरा

हिन्दुस्तान टीम,बलियाNewswrap
Fri, 03 Dec 2021 11:30 PM
रात ढलने के साथ ही जवान होता गया मुशायरा

बलिया। वरिष्ठ संवाददाता

ददरी मेला के ऐतिहासिक भारतेंदु कला मंच पर गुरुवार को मुशायरे की महफिल सजी। इसमें शायरों ने ऐसी समां बांधी कि सर्द रात में भी गर्मी का एहसास होने लगा। रात ढलने के साथ ही मुशायरा जवान होता गया। देश भर से आए नामी-गिरामी शायरों ने अपनी पेशकश ने समां बांध दी।

मुशायरे की शाम का आगाज भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू व पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दूबे ने फीता काटने के बाद शमा जलाकर किया। अतिथियों ने नगर पलिका के अधिशासी अधिकारी डीके विश्वकर्मा व मेला प्रभारी राघव मिश्र के साथ शायरों का माला पहनाकर व अंगवस्त्रम से स्वागत किया। इसके बाद नगर पालिका की टीम ने दोनों अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मुशायरे की शुरूआत ‘अचानक मऊवी ने की। अपनी पेशकश के माध्यम से शायर ने समाज में टीवी व मोबाइल के दुरुपयोग पर कटाक्ष किया। निजाम बनारसी ने देशभक्ति का जुनून फूंकने की कोशिश की। जबकि सुनील तंग ने अपनी शायरी के जरिए समाज में नेकी की राह पर चलने की सीख दी। रुखसार बलरामपुरी ने जिन्दगी में मां के महत्व पर रोशनी डाली। मां-बेटे के प्यार व अपनेपन की की गहराई को रुखसार ने बखूबी रेखांकित किया।

नुसरत अतीक गोरखपुरी ने युवाओं में खासा जोश भर दिया। अपनी शायरी में उन्होंने प्रेमी- प्रेमिका के बीच के प्रेम और टकरार के बाद विरह को प्रदर्शित किया। शरफ नानपारवी ने समाज के दबे-कुचले लोगों की मदद के लिए खुदा से रहमत बरसाने का जिक्र किया।

epaper

संबंधित खबरें