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बलियासिताब दियारा में एक साथ मनी होली-दीवाली, हरिवंश के दूसरी बार उप सभापति बनने पर जश्न

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Tue, 15 Sep 2020 03:06 AM
जयप्रकाश नगर (सिताब दियारा) के सपूत दलजीत टोला निवासी हरिवंश नारायण सिंह के दूसरी बार राज्य सभा का उप सभापति चुने जाने की सूचना जैसे ही उनके गांव पहुंची, एक साथ होली और दीवाली मनने लगी। गांव के लोगों...
1 / 2जयप्रकाश नगर (सिताब दियारा) के सपूत दलजीत टोला निवासी हरिवंश नारायण सिंह के दूसरी बार राज्य सभा का उप सभापति चुने जाने की सूचना जैसे ही उनके गांव पहुंची, एक साथ होली और दीवाली मनने लगी। गांव के लोगों...
जयप्रकाश नगर (सिताब दियारा) के सपूत दलजीत टोला निवासी हरिवंश नारायण सिंह के दूसरी बार राज्य सभा का उप सभापति चुने जाने की सूचना जैसे ही उनके गांव पहुंची, एक साथ होली और दीवाली मनने लगी। गांव के लोगों...
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जयप्रकाश नगर (सिताब दियारा) के सपूत दलजीत टोला निवासी हरिवंश नारायण सिंह के दूसरी बार राज्य सभा का उप सभापति चुने जाने की सूचना जैसे ही उनके गांव पहुंची, एक साथ होली और दीवाली मनने लगी। गांव के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर मिठाई खिलाई। युवाओं ने पटाखे भी फोड़े। ग्रामीणों ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण अमर रहे और हरिवंश नारायण जिन्दाबाद के नारे लगाते हुए एक-दूसरे को बधाई देते रहे।

हरिवंश नारायण की बड़ी बहन 85 वर्षीया मालती देवी की खुशी का ठिकाना नहीं था। भाई के निर्वाचन की खुशी पर उन्होंने खुद अपने हाथों से ग्रामीणों को गुलाल लगाया और मिठाई खिलाई।

इस दौरान गांव के बिहारी यादव ने कहा कि हम सब ग्रामीण अपने बचपन के मित्र को देश के बड़े पद पर पहुंचने से गदगद हैं। भगवान इन्हें और तरक्की दें, उन्हें स्वस्थ व दीर्घायु बनाएं, यही हम सबकी कामना है।

हरिवंश जी के पौत्र संजीव सिंह ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि जिस तरह से लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने सिताब दियरा के नाम को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा, उसी तरह 'दादा जी' भी करेंगे।

हरिवंश की पौत्री सपना सिंह दादा की सफलता पर इतरा रही थी। बोली, मैं तो बस इतना ही जानती हूं कि हमारे गांव की मिट्टी एक से बढ़कर एक प्रतिभाशाली व्यक्तितित्व गढ़ती है। हम भी एक दिन दादा जी की तरह अपने गांव का नाम रोशन करेंगे।

हरिवंश जी की बहू सीमा ने कहा, हमारे गांव (मायका) में जब चर्चा होती है कि हमारे श्वसुर जी देश के बड़े पद पर हैं तो हमारे गांव की शान बढ़ जाती है। हमें तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहता।

इस दौरान हीरा यादव, श्रीप्रकाश सिंह, राजन सिंह, राम पुकार सिंह, सोनी, गौरव सिंह, पिंकी, मीरा आदि थे।

चार संतानों में सबसे छोटे हैं हरिवंश

जयप्रकाशनगर। हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को हुआ था। बांके बिहारी सिंह व देवजनी की चार संतानों में सबसे छोटे हरिवंश की प्राथमिक शिक्षा गांव में ही हुई। उच्च शिक्षा बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से हासिल करने के बाद उन्होंने कुछ दिनों तक बैंक में नौकरी की। हालांकि उनका रुझान पत्रकारिता की ओर था, लिहाजा कुछ समाचार पत्रों में काम करने के बाद एक अन्य अखबार को गति देने में जुट गये। अखबार के करीब दो दशक तक वह मुख्य सम्पादक बने रहे। इसी बीच बिहार में सत्तासीन जनता दल (यू) ने हरिवंश को राज्य सभा सांसद बना दिया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गंठबंधन (एनडीए) ने उन्हें वर्ष 2018 में पहली बार राज्य सभा के उप सभापित के लिये प्रत्याशी बनाया। सोमवार को दूसरी बार उनके चयन पर गांव में जश्न का माहौल देखने को मिला।

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