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बारिश से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान

बारिश से दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान

सोमवार की रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और आंधी के साथ बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गयी। आंधी व बारिश से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। मंगलवार की सुबह खेतों की स्थिति देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर गयीं।

बेमौसम बारिश व आंधी से सर्वाधिक नुकसान गड़हांचल व दियरांचल क्षेत्रों में हुआ है। जिले में रबी फसलों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। गड़हांचल में तिलहनी व दलहनी फसलों की खेती इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा होती है। हालांकि कृषि विभाग आंधी व बारिश से मामूली नुकसान की बात कह रहा है। बता दें कि इस साल जिले में 2259 हेक्टेयर में तिलहनी, 32 हजार 376 हेक्टेयर में दलहनी (चना, मसूर व मटर) व एक लाख 39 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गयी है। बारिश व आंधी से सर्वाधिक नुकसान मसूर, चना व मटर को हुआ है। किसानों की मानें तो बारिश से 25 से 30 प्रतिशत के नुकसान का अनुमान है।

आम की पैदावार पर भी पड़ेगा असर

जिले में लगभग 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बगीचे हैं। मंजरों को देखकर इस साल लगभग 85 मीट्रिक टन आम के उत्पादन की उम्मीद थी। हालांकि असमय आयी आंधी से मंजर के साथ ही सरसोइया झड़ गयी है। विशेषज्ञों की मानें तो पानी कीबूंदों से आम के टिकोरे काले होकर गिरने लगते हैं। सोमवार रात की आंधी व पानी से आम के उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत कमी का अनुमान है। कुछ क्षेत्र में तो आंधी की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके चलते आम के फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है।

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  • Web Title:Loss of pigeon pea and oilseeds crops by rain