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19 जनवरी, 2021|6:07|IST

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रेल पटरी के दोनों किनारों से हटेगा अवैध कब्जा

रेल पटरी के दोनों किनारों से हटेगा अवैध कब्जा

रेल पटरियों के किनारे से स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण को हटाने की कवायद शुरु हो चुकी है। दोहरीकरण का काम पूरा होने के बाद रेल परिचालन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके, इस लिहाज से रेल महकमा अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने का काम करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जल्द ही शुरु होगी।

रेल पटरियों के किनारे अतिक्रमण वर्षों से गंभीर समस्या बनी हुई है। गाहे-बिगाहे कुछ जगहों पर कब्जा हटाने का काम भी होता है। हालांकि इस बार रेल प्रशासन सभी रेलखंडों पर अवैध कब्जा हटाने का काम करेगा। रेल सूत्रों की मानें तो औड़िहार-छपरा रेलखंड पर दोहरीकरण का कार्य अंतिम दौर में पहुंच चुका है। ऐसे में ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ायी जायेगी।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अवैध अतिक्रमण के चलते न सिर्फ रेलवे की विकास योजनाएं बाधित होती हैं, बल्कि सुरक्षित रेल परिचालन में भी यह बड़ी समस्या बनती है। विभाग की ओर से किये गये सर्वे में कई जगहों पर सेफ्टी जोन (रेलवे ट्रैक से 15 मीटर के अंदर) स्थाई निर्माण तक हो चुका है। इसको देखते हुए रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ 21-21 मीटर की परिधि में हुए अतिक्रमण को हटाने का निर्णय लिया गया है।

कोट :

दिल्ली में रेलवे ट्रैक के किनारे से झुग्गी-झोपड़ी हटाने का कोर्ट ने निर्देश दिया है। इसके बाद रेल अफसरों ने सभी रेल खंडों से अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया है। अभियान चलाकर जल्द ही स्थाई व अस्थाई अतिक्रमण को गिराया जायेगा।

अशोक कुमार, जनसम्पर्क अधिकारी, रेलवे वाराणसी

सुरक्षा से भी जुड़ा है मामला

रेल पटरियों के किनारे हुआ अतिक्रमण सीधे रेल परिचालन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मामला है। पटरी के किनारे बसे गांवों के लोग रेलवे ट्रैक पर शौच करते हैं। गंदगी की वजह से पटरियों व सिंग्नल के रख-रखाव करने वालों को परेशानी होती है। कई बार गंदगी की वजह से मरम्मत कार्य भी ठीक से नहीं हो पाता है। लगातार मल-मूत्र त्याग किए जाने की वजह पटरी व उसके आसपास की मिट्टी का क्षरण होता है। रेल अफसरों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद इस पर भी काफी हद तक रोग लगेगी।

शहर केअतिक्रमण पर अबभी सस्पेंस

शहर के चित्तू पांडेय चौराहा से एससी कॉलेज तक एनएच 31 से उत्तर बनी मकानों व दुकानों को लेकर फिलहाल रेल विभाग में सस्पेंस कायम है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यदि यह अतिक्रमण की श्रेणी व 21 मीटर के निर्धारित दायरे में आयेगा तो सम्भव है कि हटाने की कार्रवाई की जायेगी।

स्थानीय रेलवे स्टेशन के आसपास वर्षों पहले से लोग स्थाई रुप से मकान बनाकर रहते हैं। स्टेशन-मालगोदाम रोड पर उत्तर तरफ बड़ी संख्या में दुकानें भी संचालित होती हैं। सूत्रों की मानें तो दो-तीन दशक पहले रेल महकमा ने एनएच 31 से उत्तर की जमीन पर अपना दावा करते हुए हटाने के लिये नोटिस जारी कर दिया। इसके खिलाफ कुछ लोग कोर्ट चले गये। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के हस्तक्षेप के बाद रेल विभाग शांत हो गया। चर्चा है कि इस बार अगर अभियान चला तो उक्त जमीन को भी खाली कराया जायेगा।

इस सम्बंध में रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि अधिकारी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कोई कार्रवाई करेंगे। कहा कि इसको लेकर कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जायेगी।

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  • Web Title:Illegal occupation will be removed from both sides of the railway track