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28 जनवरी, 2021|6:08|IST

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जिविनि कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार

जिविनि कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार

1 / 2विभागीय कर्मचारी से जीपीएफ का पैसा पास करने के लिये घूस लेते समय जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का लिपिक बुधवार को रंगेहाथ पकड़ा गया। एंटी करप्सन टीम आरोपित को गिरफ्तार कर कोतवाली ले गयी, जहां पर...

जिविनि कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार

2 / 2विभागीय कर्मचारी से जीपीएफ का पैसा पास करने के लिये घूस लेते समय जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का लिपिक बुधवार को रंगेहाथ पकड़ा गया। एंटी करप्सन टीम आरोपित को गिरफ्तार कर कोतवाली ले गयी, जहां पर...

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विभागीय कर्मचारी से जीपीएफ का पैसा पास करने के लिये घूस लेते समय जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का लिपिक बुधवार को रंगेहाथ पकड़ा गया। एंटी करप्सन टीम आरोपित को गिरफ्तार कर कोतवाली ले गयी, जहां पर बाबू के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।

मनियर थाना क्षेत्र के रिगवन निवासी राजेश कुमार पांडेय इंटर कॉलेज मुड़ियारी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात हैं। कुछ माह पहले उन्होंने खुद के जीपीएफ से ढाई लाख रुपये लोन लेने के लिये आवेदन किया। फाईल एडी ऑफिस आजमगढ़ से स्वीकृत होकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पहुंच गयी। राजेश के अनुसार, जीपीएफ लोन पास करने के लिये जिविनि कार्यालय के लिपिक खड़ग बहादुर सिंह ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। कई बार दौड़-भाग करने के बाद पहले पांच व फिर दो हजार पर मामला तय हो गया। राजेश ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन टीम को दे दी। बुधवार को राजेश जिविनि कार्यालय पर पहुंचे तथा दो हजार रुपये लिपिक को देने लगे। इसी बीच टीम ने केमिकल लगे पांच-पांच सौ रुपये के चार नोट लेते बाबू को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम के सदस्यों ने खड़ग बहादुर का हाथ धुलवाया तो पानी का रंग लाल हो गया।

इस घटना के बाद कार्यालय में अफरा-तफरी मच गयी। टीम आरोपित लिपिक को साथ लेकर कोतवाली पहुंच गयी। बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में एंटी करप्सन टीम वाराणसी के प्रभारी सुरेन्द्र नाथ दूबे, एसआई संतोष दीक्षित व अशोक सिंह, हेड कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह, अश्वनी पांडेय व पुनीत सिंह शामिल थे।

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घूसखोर कैशियर को भी करवा चुके हैं गिरफ्तार

इंटर कॉलेज के शिक्षणेत्तर कर्मचारी राजेश पांडेय करीब एक दशक पहले सीबीआई के हाथों बैंक के घूसखोर कैशियर को रंगहाथ गिरफ्तार करवा चुके हैं। उनका कहना है कि साल 2008 में नो ड्यूज देने के लिये सेंट्रल बैंक सुल्तानपुर की शाखा में तैनात कैशियर/ क्लर्क ने रिश्वत की मांग की। इसकी जानकारी सीबीआई लखनऊ को दे दी। तीन सितम्बर 2008 को सीबीआई की टीम ने तत्कालीन कैशियर आरके मौर्य को गिरफ्तार कर लिया। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य व शिक्षा के साथ ही अन्य कई ऐसे महकमे हैं, जहां खुलेआम घूस मांगा व लिया जाता है। अगर लोग राजेश पांडेय जैसा काम करें तो काफी हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकता है।

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  • Web Title:Govini office arrested for taking bribe