
चेतावनी बिंदु के और पास गंगा, आपदा का खतरा बढ़ा
Balia News - रामगढ़ जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में हल्का बैकरोल शुरू हो गया है और किसान फसलों के नुकसान का सामना कर रहे हैं। परियोजनाओं...
रामगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ाव पर है। नदी चेतावनी बिंदु के और पास पहुंच गयी है। नदी की लहरें प्रभावित क्षेत्र, खासकर उस पर नौरंगा में उत्पात मचाने लगी हैं। जल स्तर ऊपर उठने के बाद करीब एक सप्ताह से परियोजनाओं का कार्य भी ठप है। इससे आपदा का खतरा और बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार शनिवार शाम चार बजे गंगा नदी का जल स्तर 55.740 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 56.615 मीटर और खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। जल स्तर में अभी भी तीन सेमी प्रति घंटे से अधिक का बढ़ाव जारी है।

सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच जल स्तर में 26 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है। चेतावनी बिंदु से मात्र 87 सेमी नीचे बह रही गंगा की लहरों में अब प्रभावित क्षेत्रों में हल्का बैकरोल शुरू हो गया है। इससे नदी के किनारों पर छपाका कटान में भी तेजी आ गयी है। निचले इलाकों से बाढ़ का रूप पकड़ चुकी नदी ने मझौवा, शुक्लछपरा, जगछपरा, धर्मपुरा, बेलहरी, गरया, गायघाट के किसानों को शुरूआती दिनों ही भारी नुकसान पहुंचाया है। मझौवा-बेलहरी के सामने एनएच-31 के दक्षिण दिशा में उक्त गांवों के किसान सैकड़ों एकड़ में सब्जी की फसल बोये थे। उसका करीब 20 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ के पानी में डूबकर बर्बाद हो चुका है। उधर, ऊपर उठते जलस्तर के साथ ही करीब एक सप्ताह से परियोजनाओं पर काम ठप है। इससे तटवर्ती लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। आलम यह है कि एनएच-31 के किमी 26.250 के निर्माणाधीन स्पर के लिये बनायी गयी स्लोपिंग पर पीचिंग के नाम एक भी बोल्डर नहीं डाला गया है। बनाए गए बेस के ऊपर पानी चढ़ जाने से मजदूर-अधिकारी मौके से गायब हैं। यहां पुरवा हवा के कारण उठ रही नदी की लहरें मिट्टी की स्लोपिंग को कुतरना शुरू कर दी है। इससे लोग भयभीत हैं।

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