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बलिया में गंगा खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर, तटवर्ती इलाकों में तेज हुआ पलायन

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Thu, 03 Sep 2020 12:00 AM
बलिया में गंगा खतरे के निशान से 26 सेमी ऊपर, तटवर्ती इलाकों में तेज हुआ पलायन

बलिया में गायघाट गेज पर बुधवार को गंगा ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। खतरा बिन्दु के ऊपर बह रही नदी के जलस्तर में दो सेमी प्रति घन्टे के बढ़ाव के बाद प्रभावित गांवों में दहशत मच गयी है। निचले इलाकों के लोग अपने सामानों को सुरक्षित करने में जी-जान से लग गये हैं।

केन्द्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार बुधवार दोपहर बारह बजे नदी यहां खतरा बिन्दु 57.615 मीटर से 26 सेमी ऊपर बह रही है। इसी प्रकार बढ़ाव का क्रम बना रहा तो नदी क्षेत्र में एक बार फिर प्रलय मचा देगी। उफनायी गंगा नदी के बाढ़ का पानी वेदान्ती जी के मठिये के पास ओवरफ्लो कर गोपालपुर, उदयीछपरा बस्ती में घुसने लगा है। हालांकि बाढ़ खण्ड के अधिकारी ओवरफ्लो को रोकने के लिये बालू व मिट्टी भरी बोरी डाल अथक प्रयास कर रहे हैं, बावजूद सफलता नहीं मिल रही है। बस्ती में पानी घुसते ही निचले हिस्से के लोग अपने घरेलू सामानों को पैदल, ट्रैक्टर आदि के सहारे सुरक्षित करते देखे गये।

उधर, एनएच -31 के बचाव को हुकुमछपरा डगरा के पास बम्बुक्रेट विधि से बचाव कार्य करा रहा है। सूखे के दिनों में बचाव के नाम चांदी काटे विभागीय अधिकारियों का भी नदी का रौद्र होता रूप देख चेहरे पर हवाइयां उड़ती साफ देखी जा रही है। यहां पर नदी से सड़क की दूरी 20 मीटर से भी कम रह गयी है।

एसडीएम ने बाढ़ क्षेत्र का किया निरीक्षण

रामगढ़। एसडीएम बैरिया ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र गोपालपुर, उदयीछपरा, दूबेछपरा का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारी से बाढ़ विभाग द्वारा बचाव के लिये बोरी भरने को नदी के पास से ही मिट्टी निकालने की शिकायत की। अधिकारी ने एसडीओ कमलेश कुमार से आपात स्थिति के लिये अन्यत्र से छाई, ईंटों के टुकड़े आदि की व्यवस्था करने को कहा। इस दौरान अवर अभियंता प्रशांत कुमार, जावेद अहमद, संदीप तिवारी, मुन्ना तिवारी, पंकज तिवारी आदि थे।

पुरवइया ने बढ़ायी मुश्किल, कटान तेज

रामगढ़। पिछले दो दिनों से चल रही पुरवा हवा ने पिडितो के लिये मुश्किलें बढ़ा दी है। इससे जोर की हलफी के साथ बैकरोलिंग भी बढ़ गयी है। नतीजा एक बार फिर गंगापुर डगरा, चौबेछपरा अवशेष, बनिया व सोनार टोला रामगढ़, केहरपुर अवशेष के साथ ही गंगापार नौरंगा मे कटान मे तेजी आ गयी है। कल तक उदासीन बना विभाग आपदा के बाद लाचार दिख रहा है। पेड़ो की टहनियों व झाड़-झंखाड़ के सहारे लहरों से जंग करता दिख रहा है।

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