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आग ने उजाड़ा, प्रशासनिक उदासीनता ने रूलाया

आग ने उजाड़ा, प्रशासनिक उदासीनता ने रूलाया

बैरिया थाना क्षेत्र के इब्राहिमाबाद के दलित बस्ती में लगी आग की घटना के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अग्निपीड़ितों को सरकारी सहायता की फूटी कौड़ी भी तहसील प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। तपती धूप व गर्मी के बीच पीड़ित जैसे-तैसे दिन बिताने को मजबूर है।

रविवार को 'हिन्दुस्तान' अग्निपीड़ितों के बीच पहुंचा। इब्राहिमाबाद दलित बस्ती के किशुन कुमार, श्रीभगवान, सन्तोष, मैनेजर राम, फक्कड़ राम, उतिल, बब्बन राम, राजदेव, मुन्ना ने बताया कि एक जून को आग लगी थी, जिसमें सबकुछ जलकर नष्ट हो गया था। मेहनत मजदूरी करके तथा बटाई पर खेती करके साल भर खाने के लिये गेहूं रखे थे। आग में गृहस्थी के बाकी सामान के साथ वह अनाज भी जल गया। मवेशियों के लिए रखा भूसा भी नष्ट हो गया। जब आग लगी थी तब क्षेत्र के माननीय लोगों ने यहां आकर खाने-पीने का इंतजाम किया था लेकिन अब कोई झांकने नहीं आ रहा। हल्का लेखपाल रिपोर्ट बनाकर ले गये थे। उन्होंने बैंक खाता नम्बर भी लिया था लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी खाते में पैसा नहीं आया। अग्निपीड़ित महिला चंदा देवी, राजमुनि, चमेली व शिवकुमारी ने बताया की छोटे-छोटे बच्चों के साथ गर्मी में दिन काटना मुश्किल हो रहा है। परिवार के लोगों का भोजन भी रिश्तेदारों के सहयोग से ही हो पा रहा है।

अगलगी में जिन एक दर्जन परिवारों का सबकुछ जल गया था उनमें पांच परिवार ऐसे भी हैं जिनके घर उनके बेटियों की शादी का दिन रखा थी। आग ने उनकी खुशियों को भी खाक कर दिया।

सरकारी सहायता नहीं मिलने के सवाल पर तहसीलदार रामनारायण वर्मा ने बताया कि यहां से सभी अग्निपीड़ितों की रिपोर्ट बनाकर जिले पर भेजी जा चुकी है। पैसा जिला मुख्यालय से ही अग्निपीड़ितों के खाते में भेजा जाता है। जल्द ही उनके खाते में सहायता राशि पहुंच जाएगी।

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  • Web Title:Fire broke out administrative apathy was rocked