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29 दिसंबर, 2020|4:33|IST

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पूरी रात कतार में बिताने पर भी ‘तत्काल नहीं, आरक्षित टिकट लेने को बैकडोर का ही सहारा

पूरी रात कतार में बिताने पर भी ‘तत्काल नहीं, आरक्षित टिकट लेने को बैकडोर का ही सहारा

बैरिया (बलिया)। हिन्दुस्तान संवाद

बलिया-छपरा रेलखण्ड के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर रेल टिकट लेना आम आदमी के बस की बात नहीं है। यदि तत्काल टिकट लेना है तो फिर बैकडोर का ही सहारा लेना पडे़गा। कड़ाके की ठंड में तत्काल टिकट लेने के लिए लोगों को स्टेशन पर ही पूरी रात लाइन में लगकर बितानी पड़ रही है। कतार में भी एक या दो नम्बर पर खड़ा होने की तो होड़ सी है।

सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बुकिंग विंडो पर इतनी भीड़ होती है कि बूढ़े-बुजुर्ग तो दूर से ही भीड़ को सलाम कर वापस लौट जाते हैं। भीड़ इतनी कि सोशल डिस्टेंसिंग की बात बेमानी है। खास बात यह कि इतना सबके बावजूद यहां दूर-दूर तक आरपीएफ या जीआरपी नजर नहीं आती है।

जब से दिल्ली, मुंबई, सूरत आदि स्थानों के लिये रेलवे ने ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, एक बार फिर से शहर जाने का सिलसिला तेज हो गया है। जिनकी नौकरी लॉकडाउन के दौरान चली गई थी, कम्पनी फिर से उन्हें बुलाने लगी है।

मुम्बई के लिये टिकट लेने स्टेशन पहुंचे सुरेन्द्र वर्मा, सुनील वर्मा, सोनू सिंह, अनिल सिंह, बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि कम्पनी फोन करके बुला रही है, रोज टिकट के लिये आते हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। जब तक हमारी बारी आती है, तत्काल का कोटा खत्म हो जाता है। इसी प्रकार किसी को सूरत जाना है तो किसी को अहमदाबाद। सभी टिकट के लिये परेशान दिखे।

ऑनलाइन टिकट बनवाना मुश्किल

बैरिया। तत्काल टिकट के लिये स्टेशन पर भीड़ की वजह यह बताई जा रही है कि मुंबई, दिल्ली व सूरत जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के लिये इस रूट की सभी ट्रेनों में अगले दो महीने तक सीट फुल है। अब तत्काल टिकट पर ही यात्रियों को एकमात्र उम्मीद है। क्षेत्र में लगभग सभी कम्पनियों का इंटरनेट इतना स्लो है कि आईआरसीटीसी के माध्यम से स्टेशन के अतिरिक्त कहीं से टिकट मिलना सम्भव ही नही है। कई प्राइवेट टिकट बुकिंग सेंटर ने टिकट बुकिंग का काम बंद कर दिया है।

डीआरएम से की लिखित शिकायत

बैरिया। सुरेमनपुर स्टेशन पर तत्काल टिकट बुकिंग में हो रही गड़बड़ी की लिखित शिकायत कोटवां गांव निवासी शनि सिंह ने डीआरएम वाराणसी से की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें मुंबई के लिये तत्काल टिकट लेना था। लगातार दो रात से लाइन में खड़ा हुआ लेकिन टिकट नहीं मिला। खिड़की पर पहंुचने के बाद कह दिया गया तत्काल कोटा फुल हो गया। आरोप लगाया है कि मुम्बई के टिकट के लिए बिचौलिये प्रति टिकट चार हजार रुपये मांग रहे हैं। उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की है।

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  • Web Title:Even after spending the whole night in queue 39 no immediate backdoor support for taking reserved tickets