श्रीराम वनगमन और केवट प्रसंग सुन भावुक हुए श्रोता

Feb 28, 2026 10:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बलिया
share Share
Follow Us on

Balia News - रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नौकुंडीय सहस्र चंडी

श्रीराम वनगमन और केवट प्रसंग सुन भावुक हुए श्रोता

रसड़ा, हिन्दुस्तान संवाद। सुल्तानीपुर गांव में चल रहे नौ दिवसीय नौकुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के सातवें दिन शुक्रवार को देर शाम को श्रीराम कथा के मार्मिक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पंडित गौरांगी गौरी ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए केवट प्रसंग को अत्यंत जीवंत शैली में प्रस्तुत किया। इसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भाव विभोर हो गये। प्रभु राम केवट संवाद में केवट का अन्यय प्रेम और प्रभु राम की विनम्रता प्रकट होती है। केवट प्रभु राम के पांव पखारने की इच्छा व्यक्त करते हुए कहता है कि मैं बिना पांव पखारे नाव में आपको नहीं बैठाऊंगा, क्योंकि मुझे डर है कि कहीं प्रभु राम के पांव के धूल से मेरी नाव भी नारी ना बन जाए।

केवट प्रभु राम के कोमल चरणों को देखकर सजल नेत्रों से कहता है कि राजा प्रजा को आदेश देता है लेकिन आप जगत के मालिक होते हुए भी कितनी विनम्रता से नाव मांग रहे हैं। केवट प्रभु राम से उतराई के रूप में कुछ नहीं मांगता है बल्कि प्रभु से भक्ति का वरदान मांगता है। केवट की भावना निष्काम भक्ति और निष्कपट प्रेम का अद्भुत उदाहरण है। कथा ने केवट संवाद को भावपूर्ण स्वर में दोहराया। केवट प्रभु राम से कहता है मैं तो यहां आपको पार लगा दूंगा, किंतु वहां भवसागर में आप मुझे पार लगा दीजिएगा। इसके बाद जब गौरव की गौरी ने ‘मेरे राम जी उतरेंगे पार हे गंगा मैया धीरे-धीरे बह’ भजन का गायन किया तो पूरा पंडाल अत्यंत भावुक हो गया। इस मौके पर गोविंद नारायण सिंह, भाजपा नेत्री सुषमा शेखर, ऋषिराज सिंह, कृष्णा राज सिंह, मीरा सिंह आदि थीं।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।