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18 जनवरी, 2021|6:14|IST

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जल का हल निकालने कटहलनाला में उतरे डीएम

जल का हल निकालने कटहलनाला में उतरे डीएम

शहर के दर्जनभर मुहल्लों, सरकारी दफ्तरों, जिला जेल, पुलिस चौकियों के साथ ही आसपास के नगरीय स्वरूप वाले गांवों में जल जमाव का जल खोजने के उद्देश्य से डीएम श्रीहरि प्रताप शाही व सीडीओ विपिन जैन कटहल नाला में उतरे। नाव से भ्रमण कर न सिर्फ कटहल नाला की सफाई का जायजा लिया, बल्कि इससे जुड़ी अन्य संभावनाओं को भी देखा। बांसडीहरोड क्षेत्र के छोड़हर से जीराबस्ती, बहादुरपुर, देवकली होते हुए परमन्दापुर तक गए और कुछ दिनों पहले हुई कटहल नाला की सफाई का सच देखा। उस समय सफाई कार्य की कलई खुल गयी, जबकि डीएम की नाव ही जलकुम्भी में फंस गयी। देवकली गांव के सामने पेड़ की डाल झुकने और उसके चलते भारी मात्रा में जलकुम्भी पर डीएम की भौंहे तन गयीं। परमन्दापुर के पास व निरालानगर से आगे भी बहाव बाधित था। इसके चलते निरालानगर से ही डीएम को अपने लाव-लश्कर के साथ वापस होना पड़ा।

भ्रमण के बाद पत्रकारों से बातचीत में डीएम ने कहा कि नगर व इसके आसपास क्षेत्र में जलजमाव की समस्या का काफी हद तक निदान कटहल नाला के माध्यम से निकल सकता है। प्राकृतिक रूप से कटहल नाला के अस्तित्व को बचाने के उद्देश्य से भी यह सर्वे किया गया। कहा कि इस नाले के किनारे गांवों की बढ़िया तरीके से कनेक्टिविटी कर जलजमाव की समस्या खत्म की जा सकती है।

इससे पहले डीएम अपनी पूरी टीम के साथ छोड़हर पहुंचे। वहां एनडीआरएफ के जवान नाव के साथ पहले से ही तैयार थे। वहां से सीडीओ विपिन जैन, डीएफओ श्रद्धा, एसडीएम सदर राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, सिंचाई विभाग की इंजीनियर व आपदा विभाग के पियूष सिंह के साथ नावों पर सवार हुए। जीराबस्ती, बहादुरपुर होते हुए आगे बढ़ने के दौरान रास्ते में पेड़ की डाली गिरने व झाड़-झंखाड़ जैसी कई बाधाएं आईं, लेकिन सबको पार करते हुए अधिकारी देवकली तक पहुंचे। वहां काफी लम्बी दूरी तक जलकुम्भी लगी थी, जिससे कुछ देर के लिए बाधा भी आयी।

नाव को सिर पर उठाकर ले गए डीएम-सीडीओ

नाव से कटहल नाला के भ्रमण के दौरान देवकली गांव के सामने काफी मात्रा में जलकुम्भी लगी होने से बहाव भी बाधित था। ऐसा लगा जैसे वहां से आगे अधिकारियों का जाना मुश्किल ही होगा। लेकिन, जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि जैसे भी हो, यहां से आगे भी भ्रमण जारी रहेगा। एनडीआरएफ के जवानों ने सुझाव दिया कि नाव को निकालकर फिर जलकुम्भी से आगे ले जाकर पानी में डाल आगे जाना सम्भव है। फिर क्या, जिलाधिकारी स्वयं नाव को बाहर निकालने के लिए खींचने में लग गए। यह देख सीडीओ विपिन जैन, एसडीएम सदर राजेश यादव व डिप्टी कलेक्टर सर्वेंश यादव भी लग गए। एनडीआरएफ जवानों के साथ सभी अधिकारियों ने मिलकर नाव को खींचकर बाहर निकाला और फिर सिर पर उठाकर 100 मीटर तक ले गए। इसमें गांव के कुछ युवाओं ने भी काफी मेहनत की। वहां से आगे फिर पानी में नाव को डालकर आगे की यात्रा की गयी। जाते समय डीएम ने ग्राम प्रधान भोला राय समेत गांव के युवाओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।

नाव फंसी तो छत पर पहुंचे अफसर, गृहस्वामी से बनवायी चाय

देवकली में जहां पर जलकुम्भी लगी होने से नाव आगे नहीं जा पा रही थी, वहां बगल में ही परमात्मानन्द ठाकुर का घर था। नाव को निकालने के लिए काफी मेहनत करने के बाद डीएम अपनी टीम के साथ उनके घर पहुंचे। मुखिया से अनुमति लेने के बाद छत पर चढ़कर नाले के रूके बहाव का जायजा लिया और नगरपालिका के ईओ को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

उधर, आला अधिकारियों को अपने घर देख परमात्मानन्द व घर की महिलाएं-बच्चे काफी खुश नजर आए। डीएम ने स्वयं चाय और पानी पिलाने का अनुरोध किया। थोड़ी देर में वहां प्रधान व अगल बगल के वरिष्ठ लोग भी जुट गए। इस दौरान डीएम ने गांव में हुए विकास कार्यों व योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित बातचीत की। करीब आधा घंटा रुकने के बाद वहां से पूरी टीम आगे बढ़ी।

इको टूरिज्म की दिशा में पहल की जरूरत

कटहल नाले में भ्रमण के दौरान डीएम ने कटहल नाला को टूरिज्म के क्षेत्र में विकसित करने की सम्भावनाओं पर चर्चा की। जिलाधिकारी ने कहा कि कटहल नाले के प्राकृतिक स्वरूप को बचाए रखने के साथ टूरिज्म की भी अपार सम्भावना है। वज​ह कि सुरहा ताल से गंगा नदी को यह नाला जोड़ता है। इसके दोनों तरफ पगडंडी बनाकर बोटिंग के माध्यम से इको-टूरिज्म का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए बेहतर प्रोजेक्ट की आवश्यकता है, जिस पर पहल करने का प्रयास होगा।

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  • Web Title:DM landed in Kathalnala to extract water solution