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सम्पर्क मार्ग डूबे, दर्जनभर घर पानी से घिरे

हिन्दुस्तान टीम,बलियाPublished By: Newswrap
Fri, 17 Sep 2021 03:30 AM
सम्पर्क मार्ग डूबे, दर्जनभर घर पानी से घिरे

रेवती। हिन्दुस्तान संवाद

तुर्तीपार-श्रीनगर (टीएस) बंधा का निर्माण सरकार ने बंधे के दक्षिण बसे लोगों को बाढ़ से निजात दिलाने के लिए किया था। यह बंधा न टूटे, इसके लिए अबतक अरबों रुपये खर्च भी हो चुके हैं। हालांकि विडम्बना यह है कि बगैर बंधा टूटे ही इस समय दलछपरा, श्रीनगर व खरिका आदि गांवों में बरसात के पानी के साथ ही देवपुर मठिया रेगुलेटर से निकल कर घाघरा का पानी तबाही मचा रहा है।

रेवती-भाखर-खरिका व रेवती-दलछपरा मार्ग तो करीब एक माह पहले से घुटने भर पानी में डूबा है। वहीं परमानंद के डेरा के करीब एक दर्जन घर पानी से पूरी तरह घिर चुका है। लोग घुटने भर पानी हेलकर सड़क पर आ रहे हैं। श्रीनगर व दलछपरा के लोगों का रेवती से पूरी तरह आवागमन बाधित है। परमानंद के डेरा स्थित कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय में भी पानी घुस चुका है। विद्यालय में पठन-पाठन ठप है।

इलाके के बड़े जल सरोवर कोलनाला व दहताल का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है। लोगों को आशंका है कि यदि एक पखवारे के अंदर पानी कम नहीं हुआ तथा देवपुर मठिया का फाटक नहीं खुला तो नगर से पूरब के गांवों में हालात बिगड़ सकते हैं। फिलहाल एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की हजारों एकड़ कृषि युक्त जमीन नदी बन चुकी है।

इनसेट

देवपुर मठिया रेगुलेटर में रिसाव से बढ़ा संकट

रेवती। ब्रिटिश काल में घाघरा व गंगा नदी का जल इलाके में फैल जाता था। बुजुर्ग बताते हैं कि दह ताल का निर्माण घाघरा नदी से ही हुआ था। बाद में नदी ने अपना रूख बदल लिया और यह ताल रेवती के लोगों को सौगात में मिल गया। उधर, कोलनाला कुंड गंगा व घाघरा का संगम रहा है। दोनों नदियों के टकराव से ही यह कुंड उत्पन्न हुआ था।

देश आजाद होने के बाद 50 के दशक में तुर्तीपार से श्रीनगर तक बंधे का निर्माण हुआ। उसके बाद इलाके के लोगों को बाढ़ से मुक्ति मिल गयी। बरसाती जल को घाघरा में ले जाने के लिए घाघरा ड्रेन (जिसका जुड़ाव कोलनाला कुंड से है), तथा कौड़िया नाला (जिसका जुड़ाव दह ताल से है), इन दोनों जल मार्ग को देवपुर मठिया रेगुलेटर से जोड़ा गया है। देवपुर मठिया रेगुलेटर का फाटक सात दशक पुराना होने के कारण नीचे से अनवरत पानी रिसता रहता है। इससे बंधे से दक्षिण के तरफ बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है। कुछ दिनों पहले झरकटहा के प्रधान प्रतिनिधि शैलेश सिंह ने बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह को पम्प कैनाल लगाकर पानी निकासी के लिए पत्रक भी दिया था। हालांकि अभी राहत नहीं मिली है।

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