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22.64 लाख को खिलाई जाएगी फाइलेरियारोधी दवा

22.64 लाख को खिलाई जाएगी फाइलेरियारोधी दवा

संक्षेप:

Balia News - बलिया, संवाददाता। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते

Feb 09, 2026 10:25 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बलिया
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बलिया, संवाददाता। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से सर्वजन दवा सेवन (आईडीए) अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत जनपद के 12 ब्लॉकों में 22 लाख 64 हजार पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएगी। इन ब्लॉकों में 28 फरवरी तक अभियान चलेगा। इस दौरान आयोजित कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय यादव ने बताया कि फाइलेरिया जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी से बचाव का एकमात्र प्रभावी उपाय फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन है। अभियान के दौरान आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल दवाएं स्वास्थ्यकर्मियों की प्रत्यक्ष निगरानी में खिलाई जाएंगी। उन्होंने एक साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अत्यंत गंभीर रोगियों को छोड़कर सभी पात्र लोगों से दवा सेवन की अपील की।

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बताया कि प्रदेश में पहले 51 जिलों के 782 ब्लॉकों में फैली यह बीमारी अब काफी हद तक सिमट चुकी है। इस बार प्रदेश के 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में ही आईडीए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अपने जिले के अर्बन, रसड़ा, दुबहड़, सोनवानी, रेवती, रतसर-वयना, बैरिया, मुरलीछपरा, बासडीह, बेरुआरबारी और चिलकहर ब्लॉक शामिल हैं। वेक्टर जनित बीमारियों के नोडल अधिकारी डॉ. अभिषेक मिश्र ने बताया कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जो आगे चलकर दिव्यांगता का कारण बन सकती है। बताया कि पहले जिले के सभी 17 ब्लॉकों में इसका प्रसार था। लेकिन लगातार उच्च कवरेज के कारण अब केवल 12 ब्लॉकों में ही अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। यदि कोई व्यक्ति घर पर उपलब्ध नहीं होता है तो आशा कार्यकर्ता के घर को डिपो बनाया गया है, जहां जाकर दवा का सेवन किया जा सकता है। दवा खाली पेट नहीं लेनी है और सेवन के बाद चक्कर या जी मिचलाना जैसे हल्के लक्षण आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी आपात स्थिति के लिए ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें गठित की गई हैं। इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. मंजीत सिंह चौधरी, एसीएमओ डॉ. पदमावती गौतम, डॉ. योगेन्द्र दास, डिप्टी डीआईओ डॉ. शशि प्रकाश, जिला मलेरिया अधिकारी राजीव त्रिपाठी तथा पाथ, पीसीआई और सीफार के प्रतिनिधि थे।