Hindi NewsUttar-pradesh NewsBalia News150th Anniversary of Vande Mataram Celebrated with Patriotic Gathering
‘वंदे मातरम’ आज भी देश को एकता के लिए मूलमंत्र

‘वंदे मातरम’ आज भी देश को एकता के लिए मूलमंत्र

संक्षेप:

Balia News - 0 द्वाबा चिल्ड्रेन स्कूल गोंहिया छपरा के विद्यार्थियों ने निकाला पदयात्रा निकाला पदयात्रा 0 शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर सामूहिक रूप से गाया राष्ट्र

Dec 02, 2025 10:55 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बलिया
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बैरिया, हिन्दुस्तान संवाद। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मंगलवार को द्वाबा चिल्ड्रेन स्कूल गोंहिया छपरा के परिसर में ‘वंदे मातरम, देश भक्ति, एकता और विरासत’ विषयक गोष्ठी हुई। इसके पहले स्कूल की छात्र-छात्राएं क्रमश: कुर्ता पायजामा तथा साड़ी पहनकर रानीगंज बाजार से शहीद स्मारक तक पदयात्रा करते हुए द्वाबा शहीद स्मारक पहुंचे, यहां 18 अगस्त 1942 के शहीदों को पुष्प अर्पित किया तथा वंदे मातरम गीत गाया। प्रधानाचार्य डॉ. एमए खान ने अतिथियों को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। गोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. कामेश्वर सिंह ने कहा कि जब इस गीत की रचना हुई थी तब देश की परिस्थियां कुछ और थी और आज की परिस्थियां कुछ और है।

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उस समय देश पर अंग्रेजी शासन था और देश अनेक परिस्थितियों से गुजर रहा था। उस समय देश को एकता के सूत्र में पिरोने में इस गीत का महत्वपूर्ण योगदान था। तब क्रांतिकारियों के होठों पर यह गीत राष्ट्रीय एकता का मूलमंत्र बन गया था। प्रो. सुभाष सिंह ने कहा कि वंदे मातरम देश के स्वतंत्रता सेनानियों का प्रिय गीत था, जो राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत है। यह आज भी देश की एकता अखंडता का अमोध अस्त्र है। प्रो. यशवंत सिंह ने कहा कि राष्ट्रभक्ति पैदा नहीं होती बल्कि परिस्थियां पैदा कर देती है। प्रवक्ता ललन सिंह ने कहा कि राष्ट्रभक्ति के लिये अच्छी नागरिकता की जरूरत होती है, जिसकी ट्रेनिंग विद्यालयों में होती है। कोई देश तब तक उन्नति नहीं कर सकता जब तक वहां के नागरिकों की सोच श्रेष्ठ न हो। गोष्ठी में सीओ बैरिया मु. फ़हीम कुरैशी, हरिकंचन सिंह आदि ने अपना विचार व्यक्त किया।