अप्रैल के अंत तक लू के थपेड़ों से रहेगी राहत
Bahraich News - बहराइच में बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट आई है, लेकिन यह असर कुछ ही दिनों तक रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल में लू से राहत मिलेगी। आगामी 10 दिनों में मौसम साफ रहेगा, जिससे किसान अपनी फसलें सुरक्षित कर सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ ने अप्रत्याशित रूप से इस वर्ष अधिक प्रभाव डाला है।

बहराइच, वरिष्ठ संवाददाता। बेमौसम बारिश से तापमान में आई गिरावट का असर बस कुछ दिनों तक रहने वाला है। मई जून में इस विक्षोभ से उपजे तापमान के असंतुलन का असर नहीं रहेगा। यह जरूर है कि अप्रैल में लू के थपेड़ों से राहत रहने का अनुमान मौसम वैज्ञानिकों ने लगाया है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि अब 10 दिन तक किसी तरह विक्षोभ नहीं उठने वाला है। खेती किसानी का काम जल्दी पूरा कर लें। दरअसल फरवरी के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में उठने वाला पश्चिमी विक्षोभ अप्रैल के पहले सप्ताह में सक्रिय हो गया और वह दूसरे सप्ताह तक जारी है।
इसे लेकर मौसम वैज्ञानिक भी चौंके हैं। कहते हैं अभी तक फरवरी से लेकर मार्च तक इस तरह विक्षोभ रिकार्ड किए जा चुके हैं वह इससे हल्के थे। इस बार विक्षोभ तगड़ा था और यह कई दिनों तक सक्रिय रहा। पूर्व में किसानों को इतना अधिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा था। मौसम वैज्ञानिक डॉ. संतराम का कहना है कि इस बार विक्षोभ देर से बना। इसके पीछे पहाड़ी इलाकों में देर तक होने वाली बर्फबारी भी एक वजह है। यह कोई अप्रत्याशित नहीं है हर वर्ष यह विक्षोभ बनता है। यह जरूर है कि इस बार देर से बना है। डॉ. संतराम का कहना है कि विक्षोभ भी जरूरी है नहीं तो मार्च में ही तापमान कभी कभी बढ़ जाता है इससे भी फसलों को नुकसान झेलना पड़ता है। लखनऊ मौसम विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता कहते हैं अप्रैल के बाद विक्षोभ का तापमान पर कोई असर नहीं पड़ने की संभावना है। अगर यह रिपीट हुआ जिसकी संभावना फिलहाल नहीं है तो कुछ जयर असर कर सकता है। आने वाले 10 दिनों में मौसम साफ रहेगा। इस बीच किसान अपनी फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं।पूर्व में विक्षोभ का असर:फरवरी 2022 में कई पश्चिमी विक्षोभों के कारण तापमान कम रहा था। यह 19 वर्षों में सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया थामार्च 2022 में विक्षोभ नहीं बन पाया था। वर्षा नहीं हुई थी। इससे मार्च 2022 के अंत में गर्म लहरे चलने लगी थींक्या है पश्चिमी विक्षोभपश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार का अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय चक्रवात होता है, जो ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय हवाओं की आपसी क्रिया से बनता है। इसके कारण वायुमंडल में निम्न दबाव वाले क्षेत्र विकसित होते हैं। ये विक्षोभ उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम के प्रभाव में होते हैं - जो एक ऊंचाई पर बहने वाली तेज गति की हवा है और पश्चिम से पूर्व की दिशा में बहती है।
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