
श्रीमद्भागवत कथा सुनने से कट जाते हैं पाप -कथाव्यास
संक्षेप: Bahraich News - बाबागंज में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य पंडित गिरीश चंद्र पाठक महाराज ने बताया कि कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप कटते हैं। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन का कारण है और भक्ति में सच्चा सुख मिलता है। इसलिए सद्कर्मों और नम्रता का पालन करना चाहिए।
बाबागंज। मेला रोड पर राकेश कुमार पाठक के निज निवास पर चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन अयोध्या धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य पंडित गिरीश चंद्र पाठक महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं।उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कथा को आत्मसात कर लेता है,उसका मन शुद्ध हो जाता है और वह सांसारिक दुखों से मुक्त होकर परम आनंद को प्राप्त करता है।मनुष्य का जीवन बड़े भाग्य से मिलता है, इसलिए इसे अच्छे कर्मों और भक्ति के मार्ग में लगाना चाहिए।बुरे कर्मों का फल हमेशा बुरा होता है, इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में सद्कर्मों को अपनाना चाहिए।रावण

के विनाश का कारण उसका अहंकार था। यदि वह श्रीराम की बातों को मान लेता तो उसका सर्वनाश न होता। अहंकार मनुष्य के पतन का मूल कारण है, इसलिए नम्रता ही जीवन का सबसे बड़ा गुण है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति में ही सच्चा सुख और परम शांति है। जहां धार्मिक आयोजन होते हैं, वहां अमृत की वर्षा होती है।भगवान प्रेम के भूखे हैं जो भक्त श्रद्धा और समर्पण से भगवान का पूजन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं। इस मौके पर संजीव कुमार पाठक, सुधीर कुमार,अरुण कुमार, रामगोपाल,गोपीधर, सुरेंद्र कुमार, रामनरेश,मनोज कुमार, महेंद्र कुमार, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार, देवेंद्र, मुकेश कुमार, राहुल कुमार, सुशांत आदि श्रद्धालू मौजूद रहे।

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