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बोले बहराइच : नूरुद्दीन चक दरगाह में टूटी पड़ीं सड़कें, नालियां हैं चोक

बोले बहराइच : नूरुद्दीन चक दरगाह में टूटी पड़ीं सड़कें, नालियां हैं चोक

संक्षेप:

Bahraich News - बहराइच के नूरुद्दीन चक दरगाह क्षेत्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। गंदगी, जर्जर सड़कें और चोक नालियां स्थानीय निवासियों के लिए परेशानियों का सबब बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों ने बार-बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस क्षेत्र में लाखों पर्यटक आते हैं, फिर भी बुनियादी ढांचे की हालत बेहद खराब है।

Nov 10, 2025 02:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बहराइच
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शहर के अंतिम छोर के उत्तरी इलाके में बसे नूरुद्दीन चक दरगाह इलाका जो आस्था की ड्यौढ़ी पर अव्यवस्था की बदहाल तस्वीर लिए है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सैय्यद सालार मसऊद गाजी दरगाह इसी इलाके में स्थित है। जहां जियारत के लिए लाखों जायरीन व पर्यटक पहुंचते हैं। पौराणिक गाथाओं से जुड़ी यह बस्ती भी उपेक्षा का दंश झेल रही है। गंदगी, जर्जर सड़कें, क्षतिग्रस्त इंटर लाकिंग, चोक नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी दुर्दशा की हालत बयां करता है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि वर्षों से इन सभी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि जिला प्रशासन से समस्या के बारे में अवगत न कराया गया हो।

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बार-बार शिकायतों के बावजूद भी जिम्मेदारों की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बोले बहराइच मुहिम के तहत हिन्दुस्तान ने मोहल्लेवासियों से बातचीत को उन्होंने समस्याओं की झड़ी लगा दी। शहर का नूरुद्दीन चक दरगाह इलाका अव्यवस्थाओं के मकड़जाल में उलझा हुआ है। बस्ती में सर्वाधिक मिलों का संचालन हो रहा है। बड़ी मिलों की चिमनियों से दिन भर निकलने वाली राख के कण लोगों की आंखों की रोशनी कम कर रहे हैं, जो यहां के निवासियों को श्वांस व तपेदिक का रोगी बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि दरगाह के करीब स्थित एक मिल में धान की धुलाई से नालियों में जो पानी निकलता है। उसमें से काफी बदबू आती है। आबादी के बीच चल रही मिलों पर पर्यावरण व प्रदूषण विभाग मौन है। लोग मिलों को आबादी से दूर ले जाने को आवाज उठा चुके हैं, परन्तु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बस्ती की साफ-साफ भी नियमित नहीं हो रही है। मुस्लिम बाहुल्य इस इलाके में मुस्लिम सभासद ही चुनकर पहुंचते हैं, लेकिन इन मोहल्लों में सफाई यदा-कदा ही होती है। हालत यह है कि नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बहता है। नालियां पटी हुई हैं। सड़क पर हमेशा जलभराव रहने से सड़क की गिट्टियां उजड़ गई हैं। भयंकर दुर्गंध आ रही है। नूसी क्लीनिक तिराहे से दरगाह बस्ती के अंत तक तमाम नालियां पाट दी गई हैं, जिससे थोड़ी सी बारिश भी सड़कों का मिजाज बिगाड़ देती है। कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध मोहल्ले के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बदहाल हालत में है आरसीसी व इंटरलाकिंग सड़कें: सबसे बड़ी दुर्दशा जर्जर सड़कों की है। यहां की नूशी क्लीनिक तिराहे से जंजीरी गेट की सड़क डिवाइडर के दोनों ओर बदहाल है। वाहन चालकों ही नहीं, पैदल चलने वाले राहगीरों की हालत खराब हो जाती है। इसी रोड से निकाह घर के करीब से एक रास्ता दरगाह से चांदपुरा चौराहे को जाता है। दरगाह से शुरू यह रास्ता काफी संकरा है। लगभग दो तीन सौ मीटर रास्ता इंटर लाकिंग का है, जो काफी क्षतिग्रस्त है। आए दिन ई रिक्शा गढ्ढे में पहिया जाने से या तो फंस जाते हैं या उलट जाते हैं। सबसे बड़ी दिक्कत एक ओर नाली की है। घरों का गंदा पानी दूसरी दिशा में नाली में जाने को लोगों ने इंटरलाकिंग हटा नालियां बना रखी हैं। इंटरलाकिंग क्षतिग्रस्त होने की बड़ी वजह बनी हुई है। दूसरी ओर बनी नाली पर रखे ढक्कन में कुछ टूट गए हैं। चांदपुरा से आने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली, कार, ई रिक्शा, आटो आदि इधर से ही होकर निकलते हैं। आगे आरसीसी रोड है। बस यही इंटरलाकिंग वर्षों से निर्माण की राह में है। यही दशा छावनी गल्लामंडी मुख्य रोड से लालगेट से जंजीरी गेट, पहले गेट से नाल दरवाजे रोड की है। सभी आरसीसी सड़कों की लंबे समय से मरम्मत या पुननिर्माण नहीं हुआ है। मवेशियों के झुंड से लोग रहते हैं परेशान: दरगाह-नूरुद्दीन चक इलाके से लगभग एक किमी दूर सब्जी व फल मंडी है। नतीजतन उधर से खदेड़े गए लावारिश मवेशियों के झुंड गलियों व मुख्य सड़क पर मंडराते रहते हैं। मवेशियों के हमले से आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से मांग की गई, लेकिन मवेशियों को संरक्षित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। वजह पकड़ कर गौश्रालय ले जाए गए मवेशी फिर सड़क पर ही आ जाते हैं। जगह जगह कूढ़े के ढेर को यह मवेशी खंगाल कर गंदगी सड़क पर फैलाते हैं। लोगों को आवागमन के दौरान नाक पर हाथ रखकर निकलना मजबूरी बन गया है। सड़क हों या चौराहे गंदगी के लिए नागरिक भी जिम्मेदार हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शहर को साफ-सुथरा रखने की किसी एक की जिम्मेदारी नहीं है। एक तरफ कूड़ा साफ किया जाता है, तो दूसरी तरफ लोग फिर गंदगी फैलाना शुरू कर देते हैं। नियमित रूप से घरों का कूड़ा सड़क, गलियों तथा नालियों में फेंका जा रहा हैं। ऐसा भी नहीं है कि सफाई कर्मी सफाई न करते हो, किंतु देर रात और भोर पहर लोग घरों का कूड़ा सड़क पर डंप कर देते हैं, जिससे सड़कों पर गंदगी बनी रहती है। लोगों को चाहिए कि कूड़ेदान का का प्रयोग करें। ई रिक्शा व ऑटो से रहता है जाम, लोग होते परेशान दरगाह नूरुद्दीन चक के वाशिंदों का कहना है कि दरगाह पूर्वी गेट से नूशी क्लीनिक के इलाके में गांव से आने वाले ई-रिक्शे जाम लगा देते हैं। यह ई-रिक्शे फल मंडी व सब्जी मंडी से फल व सब्जियां ओवरलोड लादकर चलते हैं। जिससे जाम लग जाता है। इससे लोग समय से गंतव्य पर नहीं पहुंच पाते हैं। घंटों जाम का शिकार रहना पड़ता है। दरगाह पूर्वी गेट पर रविवार, गुरुवार, शुक्रवार को बाहरी ई रिक्शा व आटो अवैध तरीके से खड़े होकर यात्रियों को ढोते हैं। जिसके चलते इधर से आने जाने वाले पैदल यात्री, विशेषकर महिलाओं को भारी परेशानी होती है। ज्यादातर ई रिक्शा, आटो आड़े-तिरक्षे खड़े कर सवारियां भरते हैं। उधर दरगाह जंजीरी गेट से सौ मीटर पहले ई रिक्शा का जमावड़ा रहता है। यह इलाका भीड़ वाला है। जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गलियों में पसरा रहता है अंधेरा दरगाह नूरुद्दीन चक बस्ती में अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइट का अभाव है। शाम होते ही अंधेरा पसरा रहता है। इसके उलट तमाम जगह दिन में भी स्ट्रीट लाइट जलती रहती है। दरगाह इलाके में ही दो बस स्टैंड भिनगा व मल्हीपुर है। इन स्टैंड के पास से तमाम बार उच्चक्के लोगों का सामान गायब कर चुके हैं। नूरुद्दीन चक व दरगाह इलाका मिला कर ही शहर का वार्ड नम्बर 11 बना है। यह घनी आबादी वाला इलाका है। बिजली की आवाजाही, हलकान बिजली की बार बार आवाजाही लोगों के उधोग धंधे प्रभावित कर रही है। यह इलाका आम तौर से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का है। जो साधन सम्पन्न है। वह तो इनवर्टर व जनरेटर की सुविधा से है। आम आदमी परेशान रहता है। बिजली न रहने पर रात में मच्छरों के हमले बढ़ जाते हैं। ऐसे में लोगों को बड़ी परेशानी होती है। मच्छरों से संक्रामक रोग बढ़ा यहां के लोग कहते हैं कि मच्छरों की बहुतायत है, जिससे संक्रामक रोग फैल रहे हैं। लोग परेशान है कि पहले की तरह नालियों में छिड़काव नहीं होता। आपको बता दें कि मौसम में हुए अचानक बदलाव के कारण लोगों में जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, बच्चों में निमोनिया के साथ ही तेज बुखार की शिकायत बढ़ी है। वर्तमान में लगभग हर घर में जुकाम बुखार पीड़ित लोग पाए जा रहे हैं। हमारी भी सुनिए मोहल्ले में सफाई ठीक से न होने की वजह से मच्छरों की तादाद अभी से बढ़ रही है। जिन जगहों पर अंधेरा रहता है। उन जगहों पर स्ट्रीट लाईटें लगनी चाहिए। ताकि लोगों को समस्या न हो। सलमान दरगाह इलाके में लाखों पर्यटक हर वर्ष आते हैं। बुनियादी ढांचे जर्जर सड़कें, चोक नालियों, कूड़े के ढेर की दुर्गध से पर्यटकों में गलत संदेश जाता है। आलमीन मिलों की चिमनियों की राख उड़ने से लोग हलकान हैं। सड़कों का बुरा हाल है। इंटर लाकिंग उखड़ रही है। वार्ड विकास कार्यों से उपेक्षित है। मोहल्लेवासी कई परेशानी से जूझ रहे हैं। निजामुद्दीन नूरुद्दीन दरगाह चक इलाके में सफाई व्यवस्था न के बराबर है। सफाई कर्मी यदा-कदा ही आतें हैं। सफाई की भी खानापूर्ति ही होती है। नालियां बजबजाती रहती हैं। तैय्यब बोले जिम्मेदार नुरुद्दीन चक में नियमित साफ-सफाई कराई जा रही है। नियमित कूड़े का उठान कराने के साथ ही नालियों की सफाई कराई जा रही है। एक तरफ साफ-सफाई होती है तो दूसरी तरफ लोग गंदगी करना शुरू कर देते हैं। लोगों को चाहिए कि वे शहर व मोहल्ले को साफ-सुथरा रखें। नालियों को न पाटें जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न हो। कचरा सड़कों पर न फेंककर कूड़ेदान में ही डालें। प्रमिता सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद बहराइच प्रस्तुति: प्रमोद सोनी