मां पिता बहन और दादी के हत्यारोपी को पुलिस ने भेजा जेल
Bahraich News - रुपईडीहा थाने के रामनगर गांव में रविवार रात को परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि परिवार में संपत्ति के विवाद के चलते हिंसा भड़की। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

बाबागंज, संवाददाता। रुपईडीहा थाने के बसंतपुर उदल ग्राम पंचायत के मजरे रामनगर में रविवार की रात हुए मां पिता और बहन व दादी के सामूहिक हत्याकांड के आरोपी युवक को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक निशानदेही पर आलाकत्ल बरामद कर लिया गया है। वहीं दूसरे घायल अस्पताल में भर्ती भाई से भी पूछताछ चल रही है। घटना के बाद से गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में अस्पताल में भर्ती वादी गुरुदेव उर्फ नागा को कड़ी सुरक्षा के बीच गांव लाकर घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया तथा पूछताछ की गई।
वहीं दूसरे आरोपी निरंकार को पुलिस रिमांड पर लेकर थाने लाई है,जहां उससे भी गहन पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि रविवार की रात पारिवारिक विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। देर रात तक पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। घर के भीतर और आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया ताकि कोई भी महत्वपूर्ण सबूत नष्ट न हो सके। मंगलवार को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती वादी गुरुदेव उर्फ नागा को सुरक्षा घेरे में गांव लाकर घटनास्थल पर जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने उनसे घटना के समय की परिस्थितियों, परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे विवाद तथा घटनाक्रम के बारे में बारीकी से जानकारी ली। रुपईडीहा थाने के रामनगर गांव में हुए सनसनीखेज सामूहिक हत्याकांड आरोपी के बड़े भाई गुरुदेव उर्फ नागा द्वारा छोटे भाई निरंकार पर लगाए गए आरोपों को ग्रामीणों ने एक पक्षीय बताया है। गांव के प्रधान रामकिशन सोनकर, पूर्व प्रधान फौजदार वर्मा, बुजुर्ग ज्वाला प्रसाद वर्मा, रामसूरत वर्मा, राम विनोद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार गुरुदेव उर्फ नागा अपने बेटे आजाद के साथ अलग हिस्से में रह रहा था, जबकि उसका छोटा भाई निरंकार अपने माता-पिता और दादी के साथ रहता था। परिवार की आने वाली बहनें भी प्रायः निरंकार के पास ही ठहरती थीं। बहन लक्ष्मी सहित कई रिश्तेदारों का कहना है कि घटना में गुरुदेव की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि संपत्ति और जेवरों के बंटवारे को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था।
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