भीषण ठंड व कोहरे में जंगल में शिकारियों में सक्रियता बढ़ी
Bahraich News - ठंड और कोहरे के बीच मिहींपुरवा के कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य में शिकारी सक्रिय हो गए हैं। वन विभाग ने एक दर्जन से अधिक शिकारी पकड़े हैं। नवाबगंज में 20 दिसंबर को सात शिकारी पकड़े गए थे। वन विभाग ने शिकारी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलर्ट जारी कर दिया है और रात्रि गश्त बढ़ा दी है।
मिहींपुरवा, संवाददाता। ठंड और कोहरे के दौरान जंगल के भीतर शिकारी भी सक्रिय हो गए। वन विभाग की चौकसी के आगे नहीं चल रही। पकड़े जा रहे अभी तक एक दर्जन से अधिक शिकारी पकड़े जा चुके हैं। इनमें कतर्निया के साथ नवाबगंज के अब्दुल्लागंज वन रेंज में गिरफ्तार किए गए। जंगल से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है। नवाबगंज में 20 दिसम्बर को सात शिकारी पकड़े गए थे। वहीं कतर्निया 30 दिसम्बर को एक शिकारी पकड़ा गया। उसके पास से बंदूक बरामद की गई थी। दरअसल कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य का जंगल सात रेंजों में बंटा हुआ है।
कतर्नियाघाट रेंज की सीमा दुधवा नेशनल पार्क से मिली हुई है। इसके अलावा पांच रेंजों की सीमाएं नेपाल सके जंगलों से लगी हुई है। ये सीमाएं खुलीं होने के कारण घुसपैठिए दस्तक देते रहते हैं। ठंड बढ़ने के साथ ही कतर्नियाघाट सेंचुरी में शिकारियों की भी सक्रियता बढ़ने लगती है।उन पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। भीषण ठंड और कोहरे में जब आम लोगों की आमद कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य में कम हो जाता है। तब कुछ शिकारी अपनी चालें तेज कर देते हैं। ऐसे में नेपाल सीमा से सटे कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य में बाहर से आए शिकारियों की गतिविधियां अचानक बढ़ गईं। झाड़ियों, खरपतवार और जलभराव वाले रास्ते से होकर ये शिकारी,बाघ तेंदुआ,हाथी, दुर्लभ कछुओं, हिरन,पाढा और जंगली सुअरों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। इन दिनों कोहरा काफी अधिक आने लगा है। कतर्निया वन प्रभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकारियों पर नजर रखी जा रही है। रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है।

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