पेट्रोल डीजल की किल्लत से बिगड़ रहे हालात, भीड़ बेकाबू
Bahraich News - बहराइच में पेट्रोल और डीजल की किल्लत के कारण हालात बिगड़ गए हैं। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन का दावा है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन लोग अफवाहों और असमंजस के चलते परेशान हैं।

बहराइच, संवाददाता। पेट्रोल और डीजल की किल्लत को लेकर जिले में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुबह, शाम हो रात से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि कई जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और पीएसी तक तैनात करनी पड़ी। पंपों पर उमड़ रही भीड़ के कारण वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तेज धूप में लोग पसीने से तरबतर होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और कहासुनी की भी खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थिति और ज्यादा संवेदनशील हो गई है।
वहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी का दावा है कि पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है और जल्द ही स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी। इसके बावजूद आम लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है और वे एक पंप से दूसरे पंप तक भटकने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अफवाहें और असमंजस इस संकट को और बढ़ा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन की अनावश्यक खरीदारी न करें और शांति बनाए रखें। साथ ही पंप संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे व्यवस्था बनाए रखें और किसी प्रकार की कालाबाजारी न होने दें।पंपों पर रात भर लाइन में खड़े रहने को मजबूर लोग: डीजल और पेट्रोल की किल्लत ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। एक ओर पेट्रोल पंपों पर दो-दो किलोमीटर लंबी कतारें लग रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल 200 से 250 रुपये प्रति लीटर तक खुलेआम बेचा जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रहा है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल खत्म होने की स्थिति बनी हुई है। जहां ईंधन उपलब्ध है, वहां लंबी कतारें लगी हैं। लोग रात-रात भर लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। कई जगहों पर नोंक-झोंक और विवाद की स्थिति भी बन रही है। ईंधन संकट का असर किसानों, स्कूली बसों, कॉलेज-हॉस्टल और मांगलिक कार्यक्रमों पर साफ दिखाई दे रहा है। डीजल की कमी से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है, वहीं पेट्रोल की अनुपलब्धता से लोगों के दैनिक कार्य भी बाधित हो रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन होने के बावजूद आम लोगों को नहीं दिया जा रहा, जबकि चहेतों को प्राथमिकता दी जा रही है।कुछ घंटों बाद खाली हो जा रहे पंप : रिसिया नगर के पांच किमी के दायरे में छह पेट्रोल पंप हैं। जिनमें से चार कस्बे से सटे हुए हैं। पेट्रोल पंपों पर पिछले पांच दिनों से भारी भीड़ इकट्ठा हो रही है। कुछ ही घंटों में पंप खाली हो जा रहे हैं। देर रात तक लंबी लाइनें लगती हैं। जड़ेसर तिराहे का पेट्रोल पंप अक्सर बंद रहता है। रविवार को तीन पेट्रोल पंप बंद अपने चहेतों की गाड़ियां फुल कर रहे थे। बाकी को मात्र दो लीटर तेल दे रहे थे। जिस कारण अफरा तफरी का भी माहौल था। रविदास नगर पेट्रोल पंप पर हेड कास्टेबिल प्रभाकर राज सिंह, शुभम वर्मा भीड़ को नियंत्रण कर सुचारू रूप से ईंधन वितरित करा रहे थे।
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