ब्रेन ट्यूमर ऑपरेशन के बाद निकली टीबी, मिला नया जीवन
बहराइच के पवन मिश्रा ने लगातार सिरदर्द और उल्टी के बाद ब्रेन टीबी के ऑपरेशन के बाद स्वस्थ होने के लिए संघर्ष किया। डॉक्टरों की सहायता और निक्षय पोषण योजना से उन्होंने एक महीने में मवाद को रोकने में सफलता पाई। अब वे ग्रामीणों को टीबी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

बहराइच,संवाददाता। फखरपुर निवासी 43 वर्षीय पवन मिश्रा ने हार को जीत में बदल दिया। लगातार सिरदर्द और उल्टी की शिकायत पर लखनऊ में उनके दिमाग से 325 ग्राम की गांठ निकालने के लिए ऑपरेशन हुआ। बायोप्सी में ब्रेन टीबी की पुष्टि हुई। ऑपरेशन के बाद सिर के घाव से लगातार मवाद बहने लगा, जिससे पवन को भारी सामाजिक उपेक्षा झेलनी पड़ी। नाई तक बाल काटने से कतराते थे। मनोबल टूट गया और पवन मान चुके थे कि वे सामान्य नहीं हो पाएंगे।बताया कि निराशा के दौर में सीएचसी फखरपुर के डॉक्टरों ने उनकी काउंसलिंग कर उपचार शुरू कराया। निक्षय पोषण योजना की सहायता और नियमित दवा से एक महीने में मवाद बंद हो गया।
नौ महीने का कोर्स पूरा करने के बाद पवन पूरी तरह स्वस्थ हो गए। आज वे वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर की इम्पैक्ट इंडिया प्रोजेक्ट से जुड़कर टीबी चैंपियन बन ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एम.एल. वर्मा ने बताया कि बाल और नाखून छोड़कर टीबी बैक्टीरिया शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। इसे एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी कहते हैं। ब्रेन टीबी में सिरदर्द, उल्टी, अन्य में गांठ, हड्डी दर्द, पेट में सूजन लक्षण हैं। समय पर पहचान से 95% मरीज ठीक हो जाते हैं। जिले में सभी सीएचसी व जिला अस्पताल में सीबीनाट, ट्रूनेट मशीन से निःशुल्क जांच और निक्षय योजना में 1000 रुपये मासिक सहायता मिल रही है। बताया कि जानकारी के लिए टोल-फ्री 1800116666 पर संपर्क करें।
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