DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  बहराइच  ›  किसानों को पुराने ही रेट में मिलेगी डीएपी व एनपीके खाद

बहराइचकिसानों को पुराने ही रेट में मिलेगी डीएपी व एनपीके खाद

हिन्दुस्तान टीम,बहराइचPublished By: Newswrap
Mon, 10 May 2021 11:11 PM
किसानों को पुराने ही रेट में मिलेगी डीएपी व एनपीके खाद

उर्वरक विक्रेताओं को पुराने दरों पर खाद की बिक्री करने को प्रशासन ने जारी किए निर्देश

निजी क्षेत्र की आपूर्ति फास्फेटिक उर्वरकों की प्रति बोरी दरों में वृद्धि की गई है

(राहत)

बहराइच। हिन्दुस्तान संवाद

किसानों को फिलहाल अभी पुराने रेट पर ही फास्फटिक उर्वरक डीएपी व एनपीके खाद मिल सकेगी। शासन की ओर से जिले के थोक एवं फुटकर उवर्रक विक्रेताओं के गोदामों एवं उर्वरक कम्पनियों के बफर गोदामों में पुराने दरों पर किसानों को बिक्री किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि निजी क्षेत्र की आपूर्ति फास्फेटिक उर्वरकों की प्रति बोरी दरों मे वृद्धि की गई है। परन्तु जिले में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर डीएपी 5692 मीट्रिक टन व एनपीके 1085 मीट्रिक टन की मात्रा पुरानी दरों की उपलब्ध है। पुरानी दरों की उपलब्ध डीएपी व एनपीके उर्वरक की बिक्री पुरानी दरों पर ही किसानों को पहले बिक्री की जायेगी। डीएओ ने किसानों से अपील की है कि पुराने बोरे पर अंकित पुराने प्रिन्ट दर पर ही उर्वरक की खरीद करें। उर्वरक विक्रेता कृषकों को उनके आधार कार्ड पर जोत बही के अनुसार पीओएस मशीन से ही उर्वरकों की बिक्री करें। इसके अलावा पीओएस मशीन से निकली रसीद भी किसानों को उपलब्ध कराएं।

इनसेट

जिला स्तरीय समिति करेगी निगरानी

बहराइच। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बताया कि किसानों को आसानी से निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जाने के लिए जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति की ओर से समय-समय पर रैण्डम सत्यापन भी किया जाएगा। इस दौरान कोई भी उर्वरक विक्रेता पुराने दर की डीएपी व एनपीके की होर्डिंग करता है या अधिक दर पर बिक्री करते पाया जाता है। तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 व आवश्यक वस्तु अधिनियिम 1955 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

इनसेट

कोविड-19 सुरक्षा प्रोटोकाल का भी रखें ध्यान

बहराइच। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि उर्वरक विक्रेताओं को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, ग्लव्स सहित अन्य सुरक्षात्मक प्रोटोकाल का पालन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही दुकान में सेनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी। कोई भी किसान यदि मास्क नहीं पहना है, तो उसे उर्वरक की बिक्री न करें। बिक्री केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंन्सिंग आदि मानकों का अनुपालन के लिए कम से कम एक दूसरे से 6 फिट यानी 2 गज की दूरी बनाए रखें। एक समय में 5 से अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा होने की अनुमति न दी जाय।

कोट

उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठानों पर प्रत्येक दशा में रेट बोर्ड लगाकर उर्वरक का वर्तमान स्टाक व दर अवश्य अंकित करें। साथ ही सभी उर्वरक विक्रेता अपने प्रतिष्ठान पर उर्वरक खरीदने को आने वाले प्रत्येक किसान का नाम, पता, आधार कार्ड व मोबाइल नम्बर, उर्वरक की मात्रा व दर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। शिकायत पर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

सतीश कुमार पाण्डेय, जिला कृषि अधिकारी

संबंधित खबरें