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तराई में नौतपा का असर, दिन का 40.8 व रात का पारा 31 डिग्री पहुंचा

बहराइच, संवाददाता। तराई में नौतपा की चपेट में आ गई है। सूरज की सीधी किरणें

तराई में नौतपा का असर, दिन का 40.8 व रात का पारा 31 डिग्री पहुंचा
हिन्दुस्तान टीम,बहराइचMon, 27 May 2024 06:30 PM
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बहराइच, संवाददाता। तराई में नौतपा की चपेट में आ गई है। सूरज की सीधी किरणें आसमान से आग बनकर पृथ्वी पर पहुंच रही हैं। इससे दिनोंदिन व रात का पारा बढ़ रहा है। सोमवार को दिन तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि कई सालों बाद रात का पारा 31 डिग्री सेल्सियस पहुंचा है। इसके चलते एसी के कंप्रेशर दगने लगे हैं, तो कूलर व पंखा भी गर्म हवाएं फेक रहे हैं। गर्मी से राहत के आसार भी नहीं हैं।

तराई में तापमान पूरे शबाब पर पहुंच चुका है। दिन में लू तो रात में भी प्रचंड गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मई माह में भीषण गर्मी ने कई सालों के रिकार्ड को भी तोड़ दिया है। सुबह आठ बजे से ही तापमान चढ़ने लग रहा है। दोपहर तक 40.8 डिग्री पहुंच गया। पांच किलोमीटर प्रति घंटे से गर्म हवाएं चलने से सड़कों पर जरूरी काम से ही लोग निकले। अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्र ने बताया कि सामान्य तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज होगी। इसकी वजह से रात का तापमान भी बढ़ता रहेगा। अभी एक जून तक भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि इस बीच तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

हीट स्ट्रोक व डायरिया की चपेट में आ रहे लोग:बदले मौसम के मिजाज से हीट स्ट्रोक व डायरिया की चपेट में तेजी से लोग आ रहे हैं। खासकर बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल के बालरोग विभाग के मुताबिक सोमवार को वार्ड में 44 बच्चे भर्ती रहे। इनमें 18 नए डायरिया से पीड़ित बच्चों को वार्ड में भर्ती किया गया है। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद शुक्ल बताते हैं कि सामान्य तापमान 37 डिग्री होता है। वर्तमान में 42 डिग्री के करीब पारा होने का सीधा असर शरीर पर पड़ रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चे व बुजुर्ग चपेट में आ रहे हैं। सीएमएस डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों की संख्या के आधार पर बेडों को बढ़ाया जा रहा है। सभी जरूरी दवाएं भी उपलब्ध हैं।

जिला अस्पताल में बढ़ाए गए 23 बेड:बदले मौसम के चक्र की वजह से जिला अस्पताल में 24 घंटे मरीजों की भीड़ जुटी रहती है। सोमवार को लगभग 2000 मरीजों की ओर से पंजीयन कराकर चिकित्सक से परामर्श लिया गया। बढ़ती संख्या को देखते हुए 23 और बेड बढ़ाए गए हैं। हॉस्पिटल मैनेजर रिजवान अहमद ने बताया कि मरीजों को बेहतर इलाज मुहैय्या कराने के लिए लगातार संसाधनों में इजाफा किया जा रहा है।

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