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बोले बहराइच : गांव छोड़िए, शहर की सड़कों का हाल भी देखने लायक नहीं

बोले बहराइच : गांव छोड़िए, शहर की सड़कों का हाल भी देखने लायक नहीं

संक्षेप:

Bahraich News - तराई जिले में सड़कें जर्जर हो गई हैं। गड्ढों की वजह से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और लोग सड़क मरम्मतीकरण की मांग कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के दावों के बावजूद, सड़कों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है।...

Oct 24, 2025 04:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बहराइच
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जंगल व नदियों से घिरे जिले के तराई इलाकों में सुबह शाम की हल्की ठंड के साथ मौसमी बदलाव आया है। रात ढलते ही धुंध छाने लगती है। ऐसे में शहर, कस्बों व गांव की बदहाल सड़कों के गढ्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। लोग समझ नहीं पा रहे कि सड़क की मरम्मत का धन आखिर कहां जा रहा है। गढ्ढे वाली सड़कों की मरम्मत क्यों नहीं हो रही है। गढ्ढों में फंसकर बाइक, स्कूटी, ई-रिक्शा सवार चोटहिल हो रहे हैं। दुर्घटनाओं की वजह यह गढ्ढे वाली सड़कें हैं। जबकि जनप्रतिनिधियों का दावा है कि सुंदर चौड़ी सड़कों का जाल बिछ रहा है।

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आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान की पड़ताल में लोगों ने निराश होकर कहा तमाम शिकायतें हुई, नतीजा शून्य है। काम धरातल पर नहीं दिख रहा है। शहर को ही लें तो मानसून सत्र के बाद जर्जर सड़कों की मरम्मतीकरण का काम युद्ध स्तर पर चला, तो लोगों को राहत हुई। आसाम रोड से सिंघापरासी होते हुए दरगाह पूर्वी गेट की जर्जर सड़क का नक्शा भी बदला। मानपुरवा में अभी भी जलभराव व जर्जर सड़क के हालात हैं। गल्ला मंडी से दरगाह ओवर ब्रिज होकर छावनी मार्ग पर ओवर ब्रिज के नीचे क्रासिंग के दोनों ओर सड़क जगह-जगह कटी है, गढ्ढे भी हैं। ओवरब्रिज के नीचे दोनों ओर आवागमन को जर्जर सड़क है। वहीं सड़क के बगल में एक बड़ा जानलेवा गढ्ढा खुला है। रेलवे ने एक ओर की पटरी का रास्ता बंद कर दिया है। नतीजतन इसी गढ्ढे के पास से होकर सभी वाहन मुड़ते हैं। कोहरे के दौरान यह गढ्ढा बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है। दरगाह जंजीरी गेट से नूशी क्लीनिक तक सड़क खस्ता हाल है। तो गाजी निकाह घर के आगे मिल के पास से गुल्लावीर होते हुए चांदपुरा जाने वाली सड़क पर दरगाह की ओर लगभग 200 मीटर इंटर लाकिंग में बड़े गढ्ढे हैं। ईदगाह से चांदपुरा रोड की हालत काफी खस्ता है। बाबू जरा धीरे चलें, गढ्ढे में न पड़ जाए पांव: पयागपुर तहसील मुख्यालय से भूपगंज बाजार होकर कांधीकुइयां मार्ग इतना जर्जर हालत में है कि बरसात के दिनों तो लोग खराब रास्ते के कारण बाजार निकलना पसंद नहीं करते। काफी दिनों से सड़क जर्जरावस्था में है। जगह जगह सड़क पर गढ्ढों की वजह से पैदल ही चलना दूभर है। वाहन चालकों की तो हालत ही खस्ता हो जाती है। लोगों का कहना है कि तमाम शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान दिखाई नहीं दे रहा है। सड़क के गड्ढों को पाटने, मरम्मतीकरण की दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है। सड़कें काली डामर वाली बनी हैं जिस पर सिर्फ कंकड़ पत्थर ही दिखाई देता है। जो वाहन चालकों के साथ ही उछलते हैं। कांधीकुइयां मार्ग काफी खराब हो गया है। सड़क पर पत्थर उजड़ कर फैल गए हैं, जो किसी भी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। यह मार्ग भूपगंज बाजार से लखनऊ जाने वाले मुख्य मार्ग को जोड़ता है। काफी महीने से इसकी जर्जर हालत बनी हुई है। इस पर भी किसी अफसर या जनप्रतिनिधि का कोई ध्यान नहीं जा रहा है। इस प्रमुख मार्ग से हजारों लोग गुजरते हैं। फिर भी निर्माण नहीं हो रहा। कांधीकुइयां में स्थित प्रसिद्ध मंदिर बाबा राम प्रकाश जी का स्थान है। इसी रास्ते से ट्रेन या वाहन से जाने वाले हजारों लोग शनिवार को निकलते हैं। उन लोगों को अनेक प्रकार की समस्याएं झेलनी पड़ती है। गड्ढों में कैसे निकलें वृद्ध और बच्चे: महसी तहसील के अकिलापुर चौराहे से भकला गोपाल जाने वाला मार्ग एकदम ध्वस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि 15 वर्ष पहले सड़क बनी थी। तब से सड़क खस्ताहाल होने पर दोबारा न ही कोई मरम्मत कराई गई है न ही दोबारा बनाई गई है। रास्ता बिल्कुल खंडहर में तब्दील हो गया है। आने जाने में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां तक वाहन पर कोई भी सामान लाने ले जाने के लिए दूसरे रास्ते से दूर से घूमकर आना पड़ता है। जरा सी चूक हो जाए तो, बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इधर के निवासी बब्लू साहू, अर्जुन साहू, काशीराम बाबा, मोहम्मद सादिक, रफीक, सहज राम अन्य लोगों ने बताया कि बुजुर्ग बच्चों का इस रोड पर निकलने पर हालत खराब हो जाती है। औद्योगिक नगरी की पहचान सड़कें करती हैं हलकान जिले में रिसिया कस्बे की पहचान औधोगिक नगरी के रूप में है। यहां तमाम राइस व दाल मिल, तम्बाकू उद्योग हैं। रिसिया के बाबा के पेड़ा इतना प्रसिद्ध है कि लोग इसे रिसिया से खरीदने पहुंचते हैं। औद्योगिक नगरी, सरिया मिल होने की वजह से यहां वाहनों का सड़कों पर काफी दवाब रहता है। बहराइच-रुपईडीहा हाईवे से जोड़ने वाली दोनों सड़के काफी जर्जर अवस्था में हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय मार्ग पर गुरचाही चौराहे से रिसिया को जाने वाला तीसरा संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल में है। आसाम हाईवे पर जड़ेसर तिराहे से श्रावस्ती जिले के चिचड़ी तक जाने वाले मार्ग पर इटकौरी गांव से रिसिया जाने वाले संपर्क मार्ग पर पेट्रोल पंप के निकट काफी गहरे गड्ढे हैं। इसी पर निजी प्रतिष्ठित विद्यालय भी हैं, जहां से नियमित हजारों बच्चे आते जाते हैं। इसी आसाम हाईवे से हुसैनपुर मोहम्मपुर गांव के निकट अंकुर धर्मकांटे के पास से रिसिया जाने वाले तीन किमी लंबी सड़क अत्यंत जर्जर अवस्था में है, जिस पर निकलना जान जोखिम भरा रहता है। समाजसेवी वसीम शेरवानी, आतिफ शेरवानी बताते हैं कि रिसिया एक औधोगिक नगरी है। इस नगरी को मुख्यता जोड़ने वाली दोनों सड़क काफी जर्जर अवस्था में हैं। शिक्षाविद डॉ. राजू निगम ने गुरचाही से रिसिया की ओर जाने वाली सड़क की मरम्मत की मांग की है। नालियां बनें तो सड़क पर न हो जलभराव जलभराव सड़कों का बड़ा दुश्मन है। सड़कों के निर्माण के दौरान जलनिकासी को नालियों के निर्माण की तरफ ध्यान न देना जलभराव की एक बड़ी वजह है। आबादी बढ़ने के साथ ही बस्तियों का सिमटना शुरू है। हालात यह है कि तालाब तलैया पाटकर मकान बन गए। नाली बने तो जल निकास कहां जाए। यह भी एक बड़ी समस्या है। श्याम लाल सिंह कहते हैं कि जलभराव के अलावा दूसरी समस्या मानक विहीन सड़क निर्माण है। सड़क निर्माण से पूर्व तीन लेयर पत्थर गिट्टी बिछाये जाने का प्रावधान है। आखिर कहां तीन लेयर गिट्टी बिछती है। इधर पेंटिंग हुई उधर गिट्टी उजड़ने लगती है। जलभराव से सड़क खराब न हो इसके लिए नाली निर्माण जरूरी है। वहीं इसकी भी लोग निगरानी रखें कि मानक विहीन निर्माण कार्य तो नहीं हो रहा है। कब होगी सड़कों की मरम्मत नानपारा तहसील की इमामगंज चौराहे से मिरियासी टोला होते हुए नील कोठी जाने वाली सड़क बदहाल है। इसमें जगह-जगह गढ्ढों की भरमार है। सड़क पर वाहन हिचकौले खाते हैं। चलना ही दूभर है। बारिश में काफी खराब हालत रही है। लोगों को आवागमन में असुविधा रही है। राजा कोठी से कसाई टोला होते हुए राजापुरवा मार्ग जो कस्बे के बाहरी बाईपास को जोड़ता है। काफी बदहाल हालत है। उधर राजापुरवा से मन्नत मैरिज हाल के पीछे से होते हुए निकली सड़क काफी जर्जरावस्था में है। क्षतिग्रस्त तो है ही जगह जगह गढ्ढों की वजह से आवागमन में असुविधा होती है। हमारी भी सुनिए भेड़िया प्रभावित मंझारा तौकली में अधिकांश गांव में सड़क नहीं है। जहां है जर्जर गढ्ढे हैं। एक बार बनी सड़क का फिर मरम्मत या निर्माण नहीं हुआ। आलोक यादव बहराइच गोंडा हाईवे से मसीहाबाद को आ रहा लिंक मार्ग काफी जर्जर है। यहां हजारों लोग रोज विभिन्न वाहनों से धूल उड़ाते पहुंचते है। श्याम लाल सिंह जर्जर सड़कों से महिला व बच्चे प्रभावित होते हैं। उन्हें स्कूलों को जाने में बड़ी परेशानी हो रही है। लोगों की सड़क मरम्मत की मांग अनसुनी की जा रही है। अनुपमा झा कोहरे की धुंध रात से सुबह तक रहने लगी है। इसमें न सड़क के गढ्ढे नजर नहीं आते हैं। जर्जर सड़क व गढ्ढों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वसीम शेरवानी बोले जिम्मेदार कुछ सड़कों व पुलिया निर्माण की दिशा में कार्य शुरू करवाए जाने है। विधान सभा की हर सड़क पर नजर है। तस्वीर बदल रही है। आगे भी बेहतर चौड़ी सड़कों के निर्माण की दिशा में पहल जारी रहेगी। मानसून के चलते निर्माण मरम्मत कार्य शुरू नही हो पाए थे। अब शुरुआत होनी है। सरोज सोनकर, बलहा विधायक प्रस्तुति- प्रमोद सोनी