Hindi NewsUttar-pradesh NewsBahraich NewsChhath Puja Preparations Intensify in Bahraich as Devotees Ready for Four-Day Festival
बहराइच-आज नहाय खाय से शुरू होगा लोक आस्था का महापर्व छठ

बहराइच-आज नहाय खाय से शुरू होगा लोक आस्था का महापर्व छठ

संक्षेप: Bahraich News - बहराइच में छठ पूजा की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। 25 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ इस महापर्व की शुरुआत होगी। छठ पूजा कल्याण समिति ने सरोवर का निरीक्षण किया और घाटों की सफाई की जा रही है। व्रती महिलाएं चार...

Fri, 24 Oct 2025 05:41 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बहराइच
share Share
Follow Us on

बहराइच, संवाददाता। लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी तेज हो गई हैं। 25 अक्तूबर से नहाय खाय से इस महापर्व की शुरुआत हो जाएगी। छठ पूजा को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए शुक्रवार को छठ पूजा कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने पुलिस लाइन स्थित समय माता मन्दिर छोटी बेरिया के सरोवर का निरीक्षण किया। मन्दिर परिसर स्थित सरोवर के पश्चिमी तट पर छठ व्रत धारिणी महिलाओं की सुविधा के लिये नगर पालिका परिषद द्वारा पक्का घाट बनाए जाने पर प्रशंसा की। साथ ही छठ पूजा के दिन आने वाले वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था कराने की मांग की। बेरिया मंदिर घाट, झिंगहाघाट, गोलवाघाट सहित जिले के सभी घाटों की साफ-सफाई की जा रही है।

व्रती महिलाओं के परिवारीजन वेदियों की रंगाई-पुताई में पूरा दिन लगे रहे। वहीं बाजारों में पूजन सामग्री की भी दुकाने लगने लगी हैं। लोक आस्था का यह छठ महापर्व चार दिनों का होता है, जिसमें कार्तिक शुक्ल चतुर्थी यानी नहान-खान से शुरुआत होगी। शनिवार पंचमी को खरना, रविवार षष्टी को अस्ताचलगामी एवं सप्तमी सोमवार को उदयाचलगामी सूर्य को महिलाएं अर्घ्य देकर पारण करेंगी। छठ पूजा कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष इं.आर. पण्डित मशरिकी ने कहा कि लोक आस्था का यह महापर्व छठ लोक पर्व है, जिसे वैदिक काल से मनाया जाता रहा है। इस पर्व की लोकप्रियता बहुत व्यापक हो गयी है। जिले में भी छठ व्रत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस पर्व में आस्थावान महिलायें चार दिनों तक निर्जल उपवास रखकर छठी मईया की आराधना तो करती ही हैं साथ ही साथ परिवार के अन्य सदस्य भी साफ-सफाई एवं शुद्धता पर विशेष ध्यान केन्द्रित किये रहते हैं। उगते सूर्य को सभी नमस्कार करते हैं, किन्तु विश्व का एक मात्र भारत ऐसा देश है जहां छठ पर्व पर डूबते सूर्य को नमस्कार करने की वैदिक काल से प्रथा चली आ रही है। इस अवसर पर राम बूझ प्रजापति, शिवाकान्त मिश्रा, हरि प्रसाद मिश्रा, आलोक कुमार उर्फ बब्लू विनोद प्रकाश सिंह, आरपी साही, हरिनाथ, राहुल पण्डित, रुद्रांश पण्डित, लाल मोहन, शिवांश पण्डित आदि रहे।