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9 अगस्त, 2020|1:56|IST

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बहराइच: लाइसेंसी दुकान पर हो रहा था नकली शराब का धंधा

बहराइच: लाइसेंसी दुकान पर हो रहा था नकली शराब का धंधा

शीघ्र करोड़पति बनने का शार्टकट रास्ता अपना कर लाइसेंसी देशी शराब के कारोबारी ने नकली शराब के जरायम का काला कारोबार फैलाया। यह मामला आबकारी महकमे की निगाहों में आ गया। नतीजतन आबकारी व रानीपुर थाने की पुलिस ने चार लोगों को रंगे हाथों नकली, अपमिश्रित व असली शराब सहित धर दबोचा। शराब की दुकान सील कर सभी पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

जिलाधिकारी शंभु कुमार व एसपी डाॅ. विपिन कुमार मिश्रा ने अवैध कच्ची शराब के विरुद्ध पुलिस व आबकारी महकमे को मुहिम चलाने के निर्देश दिए थे। जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया ने बताया कि उन्हें बुधवार को देर शाम सूचना मिली कि रानीपुर थाने के उत्तरगंगा गांव स्थित सरकारी देशी शराब की लाइसेंसी दुकान के अनुज्ञापी रानीपुर थाने के भानपुर निवासी कन्हैया लाल वर्मा देशी शराब की आड़ में नकली अपमिश्रित शराब का काला कारोबार कर रहा है। उन्होंने अफसरों को जानकारी देकर आबकारी निरीक्षक आशुतोष कुमार, सिपाही अतुल सिंह, चालक जावेद हुसैन को टोह लेकर ठोस कार्रवाई करने को भेजा। इस टीम ने काफी गहनता से दुकान की टोह ली।

आबकारी निरीक्षक ने तत्काल रानीपुर एसएचओ से सम्पर्क साधा और दबिश का प्लान बनाई। एएसपी सिटी कुंवर ज्ञानंजय सिंह व सीओ पयागपुर नरेश सिंह के पर्यवेक्षण में रानीपुर थाने के दरोगा जितेन्द्र कुमार दीक्षित, सिपाही चंद्रमणि, पवन यादव, महिला सिपाही शिल्पा को साथ लेकर सयुंक्त टीम ने बुधवार की आधी रात के बाद दबिश दी। दबिश में खाली शीशियों में अपमिश्रित शराब भरते कन्हैया लाल वर्मा, चाकू जोत निवासी सुनील जायसवाल, पयागपुर थाने के कस्बा निवासी विनोद जायसवाल, श्रावस्ती जिले के गिलौला थाने के डिहवा निवासी रामू जायसवाल को धर दबोचा।

मौके पर 10 लीटर स्प्रिट, 5 लीटर अपमिश्रित शराब, अपमिश्रित शराब से भरी नकली ढक्कन लगी 20 शीशी, 50 शीशी खाली, 82 नकली क्यूआर कोड, 5610 नकली शराब के ढक्कन, 55 पेटी लाइसेंसी देशी शराब, 9900 रुपए नकद बरामद हुए। थाना रानीपुर में गिरफ्तार चारों आरोपियों पर आबकारी, धोखाधड़ी, षड़यत्र की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। एसपी डाॅ. विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि गहन पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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जान से खिलवाड़ कर रहे हैं शराब माफिया

बहराइच । कच्ची, मिलावटी व नकली शराब में स्प्रिट का प्रयोग मयकशों के लिए जान से खिलवाड़ करना है। यह अत्यंत जहरीली शराब है। जो मयकशी के शौकीन शख्स के आंखों की रोशनी छीन सकती है। यही नहीं मानव के लीवर, किडनी, फेफड़े व गुर्दे को खराब कर जीवन लीला समाप्त कर सकती है। शराब से अधिकांश मौतें ऐसी ही शराब पीने से होती हैं। बाराबंकी में ऐसी ही जहरीली शराब से मौतें हो चुकी हैं। जो मयकश कच्ची शराब को हाथ तक नहीं लगाते, उन्हें तो यह एहसास भी नहीं होगा कि वह लाइसेंसी देशी शराब नहीं बल्कि नकली मिलावटी शराब का स्लो प्वाइजन गटक रहे हैं। जिले में पहले भी ऐसी दो घटनाओं का आबकारी महकमा खुलासा कर चुका है।

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राजस्व को भी लग रहा चूना

बहराइच। प्रदेश सरकार को आबकारी से अच्छी आय होती है। नकली मिलावटी शराब के जरिए जहां शराब माफिया मयकशों की जिंदगी से खेलते हैं। वहीं सरकारी राजस्व की भी भारी हानि होती है। अमूनन एक लीटर पर सरकार को लगभग 226 रुपए टैक्स के रूप में हासिल होते हैं। जाहिर है नकली शराब के जरिए टैक्स चोरी करके सरकारी राजस्व को भी भारी चूना लगाया जा रहा था।

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  • Web Title:Bahraich fake liquor business was being done at the license shop