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बहराइचबहराइच-अगेती फूलगोभी उत्पादन से आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे किसान

हिन्दुस्तान टीम,बहराइचPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:01 AM
बहराइच-अगेती फूलगोभी उत्पादन से आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे किसान

बहराइच। संवाददाता

अगेती फूल गोभी का उत्पादन कर किसान कम समय में बेहतर पैदावार हासिल कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते हैं। गोभी की प्रजातियों के लिए तापमान व बड़े दिनों की जरूरत होती है। अगेती फसल के लिए 29 से 31 डिग्री सेल्सियस तापमान मुफीद होता है। मई से जून तक इसकी बुआई की जाती है।

अगेती फूल गोभी की उन्नत प्रजातियां-पूसा कातिकी, समर किंग, पावस, सबौर अग्रिम, पूसा मेघना, पूसा कातिकी संकर, पूसा अर्ली सिन्थेटिक एवं काशी कुआरी बेहतर उत्पादन के लिए जानी जाती हैं। आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज की ओर से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा की ओर से किसानों को प्रशिक्षण देकर इस अगेती खेती के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। थारू जनजाति बाहुल्य गांव मिहींपुरवा ब्लॉक के रामपुरवा, फकीरपुरी एवं विशुनापुरवा के किसानों को अगेती फूल गोभी के बीज का वितरण कर उन्हें फसल उत्पादन व आर्थिक रूप से सशक्त बनने के प्रेरित भी किया जा रहा है।

किसान ऐसे तैयार करें अगेती फूलगोभी की नर्सरी

कृषि विज्ञान केन्द्र नानपारा के प्रधान कृषि वैज्ञानिक वीपी शाही के मुताबिक अगेती फूलगोभी की की नर्सरी तैयार करना बेहद अहम है। एक एकड़ फसल लगाने के लिए 3 मीटर लम्बी, 1 मीटर चौड़ी व 10 सेंमी ऊपर उठीं हुई 20-25 क्यारियां तैयार करें। प्रत्येक क्यारी में 30 ग्राम डीएपी, 25 ग्राम यूरिया, 30 ग्राम पोटाश, 5-6 किग्रा सड़ी गोबर या कम्पोस्ट की खाद व 10-15 ग्राम फ्यूराडान डाल कर अच्छी तरह से मिट्टी में मिला दें। इसके बाद थिरम या कैप्टान 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर क्यारी पर छिड़काव करें। क्यारियों में लगभग 5 सेंमी की दूरी पर पंक्तियां बना लें व पंक्तियों में 0.5 सेंमी की गहराई पर बीज की बुआई करें। इसके बाद बारीक सड़ी गोबर या कम्पोस्ट की खाद बीज के उपर डाल दें। पुआल से ढककर फुहारे से सिंचाई कर दें। बीज की बुआई छिटककर न करें।

25-30 दिन में तैयार हो जाती है नर्सरी

इस तरह नर्सरी 25-30 दिन बाद रोपाई को तैयार हो जाती हैं। कतार से कतार की दूरी 45 सेंमी व पौध से पौध की दूरी 30 सेंमी रखकर पौध की रोपाई करते हैं। क्षमता परियोजना के तहत थारू जनजातियों के लिए 10 किसानों के यहां बिहार कृषि विश्वविद्यालय भागलपुर की अगेती फूलगोभी की प्रजाति सबौर की बुआई कराई गई है। यह किस्म की फसल 65-68 दिन में पूरी तरह से तैयार हो जाती है। इसका फूल गोल, दूधिया एवं कसा हुआ होता है। वजन 250-500 ग्राम तक होता है। इसकी नर्सरी 20 मई से 20 जुलाई तक की जा सकती है।

20 जून से शुरू हो जाती है रोपाई

पौध की रोपाई 20 जून शुरू हो जाती है। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. सूर्य बली सिंह का कहना है कि अगेती फूलगोभी का अधिक उत्पादन के लिए भूमि में पर्याप्त मात्रा में खाद एवं उर्वरक डालना जरूरी है। खेत की तैयारी करते समय 100 से 150 कुन्तल सड़ी गोबर या कम्पोस्ट की खाद खेत में डालें। इसके साथ रोपाई के समय 8-10किग्रा नत्रजन, 25 किग्रा फास्फोरस एवं 25किग्रा पोटाश प्रति एकड़ के हिसाब से डालें। शेष नत्रजन की मात्रा दो बार रोपाई के 25 दिन बाद एवं 45-50 ट्रापडेसिंग के रूप में दें।

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