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बहराइचबहराइच-मच्छर पनपने वाले पात्रों को नष्ट कर मनाएं मलेरिया रोधी माह

हिन्दुस्तान टीम,बहराइचPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:01 AM
बहराइच-मच्छर पनपने वाले पात्रों को नष्ट कर मनाएं मलेरिया रोधी माह

बहराइच। सम्वाददाता

मच्छरों को पनपने से रोकने व इससे होने वाली बीमारियों की रोकथाम व उपचार के लिए जून को मलेरिया रोधी माह के तौर पर मनाया जाएगा। इस दौरान जन समुदाय को जागरूक करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रविवार मच्छर पर वार कार्यक्रम का क्रियान्वयन भी किया जाएगा। इसके अलावा बुखार के सभी मरीजों की मलेरिया स्लाइड भी बनवाई जाएगी। इसके लिए जनपद के सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित भी किया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप भी शुरू हो जाता है। यह मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं। अंडे से लार्वा निकलता है, और उससे मच्छर बनते हैं, जो इंसानों में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारी फैलाते हैं। उन्होंने बताया कि मलेरिया के त्वरित इलाज व रोकथाम के लिए आशा और एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह स्वास्थ्य कार्यकर्ता मलेरिया के संभावित मरीजों की पहचान कर इलाज के लिए उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजेंगे। इसके अलावा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के जरिए गांवों में दवा छिड़काव की भी रणनीति तैयार की गई है।

क्या है मलेरिया-

मलेरिया, प्लास्मोडियम गण के प्रोटोज़ोआ परिजीवी द्वारा मादा एनाफिलीस मच्छर के काटने से होता है। यह प्रोटोज़ोआ इतने छोटे होते हैं कि इन्हें आंखों से आसानी से नहीं देखा जा सकता। व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं में इस प्रोटोज़ोआ के फैलने से मलेरिया बुखार आता है।

स्लाइड करती है मलेरिया की पुष्टि

सीएमओ ने बताया किसी भी प्रकार का बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मलेरिया स्लाइड बनवा लेनी चाहिए। मलेरिया की पुष्टि होने पर इलाज कर इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है। इस संदर्भ में उन्होंने सभी ब्लॉक स्तरीय सीएचसी अधीक्षकों के साथ मीटिंग कर उन्हें बुखार के सभी मरीजों की मलेरिया स्लाइड बनवाने के लिए निर्देशित भी किया।

मलेरिया के लक्षण

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत ने बताया कि इस बीमारी में जाड़ा या कंपकपी लगकर तेज बुखार आता है, और पसीने के साथ उतरता है। यह बुखार प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तक रहता है। इसके अलावा मरीज को खाना देखकर जी मिचलाना, भूख कम लगना, सिर व बदन दर्द, व उल्टी की शिकायत होती है। बुखार उतरने पर थकावट व कमजोरी लगती है।

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