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1 अक्तूबर, 2020|11:27|IST

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बहराइच: इंडो-नेपाल बार्डर पर 64 बाल श्रमिक आजाद

बहराइच: इंडो-नेपाल बार्डर पर 64 बाल श्रमिक आजाद

बचपन में ही बाल श्रम व परिवार के आजीविका की जिम्मेदारी उठाए बच्चों को आजाद कराने जिलाधिकारी शम्भु कुमार व पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्र गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर पहुंचे। इनके साथ विभिन्न संगठनों व कई विभाग के अफसरों का दस्ता भी था। इस दौरान रुपईडीहा कस्बे में नो चाइल्ड लेबर अभियान चलाकर 64 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।

काफी प्रयास के बाद भी जिले में मुफलिसी की जिंदगी जी रहे परिवारों के बच्चों का जीवन स्तर नहीं सुधर पा रहा है। बाल अधिकार तो दूर, मासूम बचपन की बलि देकर उन्हें अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटानी पड़ रही है। इसी समस्या के विरुद्ध डीएम व एसपी के नेतृत्व में पुलिस, देहात संस्था, चाइल्ड लाईन-1098, श्रम विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भारत -नेपाल सीमावर्ती कस्बे रुपईडीहा में सघन रूप से बाल श्रम उन्मूलन अभियान का संचालन किया गया। जिसमें बाबागंज व रुपईडीहा कस्बे के विभिन्न संभावित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी 64 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया।

मुक्त कराए गए सभी बाल श्रमिक 8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के हैं। बाल श्रम के विरुद्ध हुई इस औचक कार्रवाई से बाल श्रमिक नियोजकों में हड़कंप की स्थिति है। इसके पूर्व कई बार इन बाल श्रमिक नियोजकों को चेतावनी दी जा चुकी थी, किन्तु इसका कोई असर नहीं हुआ। अभियान में शामिल देहात संस्था एवं चाईल्ड लाईन के निदेशक डॉ. जितेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि मुक्त बाल श्रमिकों वैधानिक प्रक्रिया से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर परिजनों के संरक्षण में दिया जा रहा है। इसके बाद प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास की वृहद योजना बनाकर उन्हें पुनर्वासित किया जाएगा।

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गोपनीय थी छापेमारी अभियान की सूचना

रुपईडीहा। कस्बे में चलाए जाने वाले नो चाइल्ड लेबर अभियान की सूचना पूरी तरह से गोपनीय रखी गई थी। मुक्त कराए गए बाल श्रमिकों को कोविड से बचाव के लिए तत्काल मास्क उपलब्ध कराए गए और सैनिटाइज कराया गया। पुलिस अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र ने बताया कि बाल श्रम के जरिए बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। जिन भी नियोजकों के यहां से बाल श्रमिक मुक्त कराए गए हैं उनके विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम-2016, बंधुआ मजदूरी अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम एवं अनैतिक देह व्यापार अधिनियम आदि कानूनों के तहत मुकदमें दर्ज किए जाएंगे।

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एसडीएम के नेतृत्व में गठित की गई थीं 5 टीमें

बहराइच। अभियान की सफलता को नानपारा पुलिस क्षेत्राधिकारी जंगबहादुर यादव व उपजिलाधिकारी नानपारा सूरज पटेल के निर्देशन में 5 टीमों का गठन किया गया था। जिसमें बाल श्रम कानून के अंतर्गत नामित एक- एक निरीक्षक, उप निरीक्षक, 5-5 कांस्टेबल, संबंधित सरकारी विभागों, चाइल्ड लाइन एवं स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। गठित टीमों का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी नवाबगंज, खंड शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार मोतीपुर, नायब तहसीलदार मोतीपुर एवं सहायक विकास अधिकारी नवाबगंज कर रहे थे।

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रुपईडीहा इकाले के इन स्थानों पर की गई छापेमारी

रुपईडीहा। थाना क्षेत्र में बाल मज़दूरों से बालश्रम कराए जाने को लेकर होटलों व दुकानों पर गुरुवार को छापेमारी की गई। इसमें होटलों तथा ढाबों पर मालिकों से छोटे बच्चों के बारे में जानकारी ली गई। बाबागंज,बाबाकुट्टी,वीरपुर, सोरहिया कस्बे में जहां पर बीडीओ तेजवंत सिंह के साथ रुपईडीहा पुलिस, बाल कल्याण संस्था ने होटल, ढाबे,मैकेनिक की दुकानें, वर्कशॉप आदि पर पुलिस तथा महिला पुलिस एवं बाल श्रम अधिकारी के नेतृत्व में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान काम करते पाए गए आधा दर्जन बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया।

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इन जिम्मेदारों ने निभाई अहम भूमिका

बहराइच। अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी रिजवान, चाइल्ड लाइन कोआर्डिनेटर देवयानी, देहात संस्था की स्वरक्षा परियोजना के समन्वयक हसन फिरोज, पुलिस मानव तस्करी रोधी इकाई के जिला प्रभारी इं. हेमंत कुमार गौड़, थाना प्रभारी रुपईडीहा प्रमोद कुमार सिंह, महिला उप निरीक्षक प्रियंका सिंह, महिला थाना प्रभारी मंजू पांडेय, सुशील कुमार, बाल संरक्षण अधिकारी शिवका मौर्या, चंद्रेश, चाइल्ड लाइन के रेखा वर्मा, अरुण, अवधेश, कीर्ती, अर्जुन, मनीष, पवन यादव, देवेश व निर्मला आदि शामिल रहे।

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  • Web Title:Bahraich 64 child laborers free on Indo-Nepal border