बोले बहराइच : इंदिरानगर और ऋषिभूमि में अभी भी सुविधाओं का इंतजार

Jan 09, 2026 04:25 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बहराइच
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Bahraich News - बहराइच के शहरी इलाकों में लगभग 60 हजार की आबादी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रही है। सड़कें टूटी हुई हैं और जलभराव की समस्या बनी रहती है। बाजार में जाम की स्थिति से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई होती है। सफाई व्यवस्था भी खराब है, जिससे कूड़े के ढेर और आवारा पशुओं की समस्या बढ़ रही है।

बोले बहराइच : इंदिरानगर और ऋषिभूमि में अभी भी सुविधाओं का इंतजार

बहराइच। शहरी इलाकों में लगभग 60 हजार की आबादी बुनियादी सुविधाओं सड़क, बिजली और पानीके अभाव से गंभीर रूप से जूझ रही है। सड़कें टूटी हुई हैं और बरसात के दिनों में में जलभराव की समस्या बन जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लोग हमेशा जलभराव का दंश झेलते हैं, लेकिन समस्या समाधान का केवल आश्वासन मिल रहा है, समाधान नहीं। नानपारा नगर के मुख्य बाजार में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्थाई फायर ब्रिगेड बना हुआ है। अपने वाहन से बाजार आने को मजबूर लोगों से बाजार में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल पहुंचने में या रेफर मेडिकल कॉलेज को जाने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी इन्हीं मुख्य मार्गो से होकर गुजरती हैं जो कि कभी-कभी जाम में ही आधा घंटा खड़ी रहती हैं। यहां तक पानी के शुद्ध पानी के लिए डिब्बे वाला पानी लेना पड़ता है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। जिस पर आवारा पशु मुंह मार रहे हैं। ये आवारा पशु जहां राहगीरों व इलाके में रहने वालों के लिए मुसीबत बनते हैं वहीं ये हादसे का कारण भी बनते हैं। जलनिकासी की व्यवस्था बद से बदतर है। जरा सी बारिश हो जाए तो सड़कें लबालब भर जाती हैं। बारिश के लगभग ढाई घंटे के बाद पानी सड़क से निकलता है। बजबजाती नालियां, पार्किंग की व्यवस्था नहीं, वाहन सड़कों पर ही रहते रिसिया का पाश इलाका कहे जाने वाले वार्ड इंदिरानगर और ऋषिभूमि जिनका पुरानी मुख्य बाजार से संबंध है। यहां सड़कें और गलियों की नालियां बजबजा रही हैं। बेहतर जल निकासी की व्यवस्था न रहने से बरसात के दिनों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है। इंदिरा नगर और ऋषि भूमि की आबादी करीब 35 सौ के आस पास है। इसी दोनों वार्डो में ही मुख्य बाजार भी सिमटा हुआ है। दोनों तरफ दुकानें और घनी आबादी है। आर्थिक रूप से मजबूत वर्ग भी इन्हीं वार्डों में निवास करते हैं। इंदिरा नगर और ऋषि भूमि को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की नालियां बहबजाती रहती हैं। गंदे पानी के निकास की कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है। तो वहीं इंदिरा नगर के हनुमान मंदिर मार्ग पर नाली बंद होने और आगे जाने पर नाली के न होने से बरसात के दिनों में जल भराव की स्थिति बन जाती है, और सड़कों पर पानी बहता है, जिस कारण आवागमन में बाधा रहती है। इस वार्ड में पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहन बेतरतीब सड़कों पर खड़े रहते हैं। जिस कारण सड़कें जाम रहती हैं और राहगीर के साथ बाजार हाट करने वाले लोग परेशान होते रहते हैं। जगह जगह कूढ़े का अंबार, बजबजाती नाली बनी पहचान शहर के छावनी व दरगाह रेलवे क्रॉसिंग के मध्य पश्चिमी छोर में बसे हमजापुरा की हर गली अव्यवस्था के आंसू बहाती नजर आती है। शहर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन के समीप होने के बावजूद यह बस्ती अभी भी बदलाव के इंतजार में है। क्रासिंग से ही मुख्य सर्विस रोड के गड्ढे इस ओर इशारा करते हैं कि अंदर की बस्ती के क्या हाल होंगे। मुख्य सड़क से जैसे ही हमजापुरा में मे चलिए। लो लैंड का जलभराव इस ओर का हालत बयां करने लगता है। संकरी व बड़ी गलियों के दोनों ओर को नालियों के किनारे हाथ भर दूर कूड़े के ढेर लगे दिखाई देंगे। जिससे उठती दुर्गंध लोगों को मजबूर करती है। लोगों की शिकायत है कि इन गलियों में सफाई के लिए सफाई कर्मी यदा-कदा ही आते हैं। अगर सफाई को आए भी तो नाली के किनारे कूड़े का ढेर लगा दिया, जो शायद ही कभी उठाकर ले जाया जाता हो। यहां का जो प्राथमिक विद्यालय नगर क्षेत्र प्रथम ही को ले। शायद इधर सफाई कर्मी कभी झाड़ू सफाई नहीं करते। नालियां बजबजा कर चोक हैं। नौनिहालों को ऐसे माहौल से गुजर कर विद्यालय आना जाना होता है। दरगाह रेलवे क्रासिंग पावर हाउस से होकर गली से गुजरे। जगह जगह कूढ़े के ढेर नजर आते हैं। यहां की निवासनी आशा सिंह कहती है कि यदा कदा कभी सफाई कर्मी आता है। स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद बाधाएं बरकरार बिजली चोरी रोकने, उपभोक्ताओं के बिलिंग की समस्याओं को दूर करने तथा विभागीय कर्मियों के लूट की शिकायतों के स्थाई समाधान के लिए जिले में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर लगाने का ये अभियान गति नहीं पकड़ रहा है। जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं, उन उपभोक्ताओं की शिकायतें विभाग के लिए सिरदर्द बन गई हैं। मीटर लगने के बाद कई माह तक बिल नहीं पहुंच रहा है। इससे सरचार्ज का अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं का बजट बिगाड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर भले ही स्मार्ट हो, लेकिन बिलिंग व्यवस्था उनकी जेबे पर भारी पड़ रही है। हालांकि एक्सईएन का कहना है कि मीटर लगने के कुछ माह बाद राहत मिलेगी। हमजापुरा से गुल्लावीर मार्ग बदहाल शहर के बड़ी तकिया के आगे से हमजापुरा के मुहाने का रास्ता जो राम जानकी मंदिर से होकर रैदास मंदिर होते हुए गुल्लावीर मंदिर जाता है। उसकी हालत बड़ी दयनीय है। जगह जगह सड़क में गढ्ढे है। बजरी, सीमेंट उखड़ चुका है। आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना लगभग हमजापुरा की आधी आबादी करती है। रोजाना दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। यह हाल तब है जबकि सभासद लगातार एक ही परिवार से जीतता आ रहा है। बारिश में तो हालात जलभराव के बन जाते हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं हुई। जबकि अन्य मोहल्ले चमचमा रहे हैं। लावारिश मवेशियों व कुत्तों का है आतंक : हमजापुरा में छूट्टा सांड़, लावारिश मवेशियों का जमावड़ा रहता है। सुअर कूड़े के ढेर को चारों ओर खोदकर बिखरा देते हैं। लावारिश मवेशियों से लोगों को जहां हमले का डर रहता है। रात में निकलने पर कुत्ते लोगों को दौड़ा लेते हैं। लोगों ने बताया कि नगर पालिका परिषद की टीमे लावारिश मवेशियों को पकड़ गौश्रालय ले जाती हैं। गलियों में स्ट्रीट लाइटों का अभाव हमजापुरा में तमाम गलियों में स्ट्रीट लाइट ही नही है। जिससे लोगों को शाम होते ही अंधेरे से होकर निकलना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाओं, बच्चों को काफी परेशानी होती है, तो दूसरी ओर हमजापुरा के राम जानकी पंचायती मंदिर के सामने लगी हाई मास्क लाइट दिन में रोशन दिखाई दी। आसपास के बाशिंदों ने बताया कि ऐसी ही कुछ स्ट्रीट लाइटे लगी हैं जो दिन में भी जलती दिखती हैं। तो हमजापुरा की तमाम गलियां स्ट्रीट लाइट न होने से अंधकार में डूबी रहती हैं। ऐसी ही गलियों में सांड़, लावारिश मवेशियों व कुत्तों के झुंड टहला करते हैं। जो गलियों में निकलते समय अंधेरा होने से दिखाई नहीं देते। तमाम मांग के बाद भी स्ट्रीट लाइटे नहीं लगाई गई है। जबकि यह इलाका रेलवे स्टेशन से सटा है। लो लैंड के मोहल्लों में रहता जलभराव हमजापुरा की काफी सघन आबादी है। मुख्य रूप से आधा इलाका लो लैंड है। इस इलाके में स्थित तीन गढ्ढा नुमा बड़े तालाब में एक तो गायब हो चुका है। दो भी धीरे धीरे पाट कर अतिक्रमण कर बस्ती बस रही है। जलप्लावन की समस्या से निजात नहीं मिल रही है। दूसरी और हमजापुरा के ऊंचे स्थल से लो लैंड में आने वाले गंदे पानी से लो लैंड में जलभराव की स्थित बनी रहती है। जबकि इस समस्या को लेकर अंडर ग्राउंड नाला ही विकल्प है। वह भी तब जब इसका निकास किसी दूसरी ओर हो। लोग धरना प्रदर्शन तक कर थक चुके हैं। लोगों का कहना है कि अब हालात पर रहकर जीना लोग सीख रहे हैं। हालांकि नाउम्मीद नहीं है। हमारी भी सुनिए जाम से भी लोगों को जूझना पड़ता है। पार्किंग न होना भी इसका एक कारण है। लोग कार ले जाकर बाजार में और जाम की समस्या को बढ़ा देते हैं। -सुशील श्रीवास्तव मैं अध्यापक हूं और यह जाम बच्चों की लिए खतरनाक है। आए दिन जाम के कारण बच्चे चोटिल होते हैं। तक बच्चे घर नहीं पहुंच जाते हैं सभी अध्यापक का मन लगा रहता है। -सत्यदर्शी सिंह जिम्मेदारों को कई बार पत्राचार किया गया है परंतु उसका कोई हल नहीं निकाला जा रहा है। वाटर सप्लाई व्यवस्था तो है, लेकिन गंदा पानी आता है। पीने के लायक नहीं है। - नागेन्द्र सिंह फायर स्टेशन शहर के अंदर होना खतरनाक है। क्योंकि कहीं भी आगजनी पर तुरंत राहत न पहुंचे तो बड़ा रूप ले लेती है। नया फायर स्टेशन जाने का रास्ता नहीं है। - आलोक टेकड़ीवाल बोले जिम्मेदार शहर की पॉश कॉलोनियों व अन्य वार्डों की सड़कें, इंटरलाकिंग व नाली की मरम्मत कराई जा रही है। सरस्वती नगर में एक तथा दरगाह में दो नालों का निर्माण कराया जा रहा है। कई सड़कें बनाई गई हैं। शहर के सफाई व्यवस्था आदि बनाए रखने के लिए कई नए वाहन भी मिले हैं। 15वें वित्त के अंतर्गत जो बजट मिला है उससे विकास कार्य कराया जा रहा है। शहर के पॉश इलाकों में बेहतर लाइटिंग भी कराई गई है। -सुधा टेकड़ीवाल, नगर पालिका अध्यक्ष बहराइच ़ प्रस्तुति- ध्रुव शर्मा, विनोद दुबे, दीपक श्रीवास्तव

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