DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  बहराइच  ›  आखिर कोरोना से जिन्दगी की जंग हार गए डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी

बहराइचआखिर कोरोना से जिन्दगी की जंग हार गए डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी

हिन्दुस्तान टीम,बहराइचPublished By: Newswrap
Wed, 05 May 2021 08:50 PM
आखिर कोरोना से जिन्दगी की जंग हार गए डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी

फोटो फाइल नम्बर 05 बीएएचपीआईसी 05

कैप्सन- डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी (फाइल फोटो)

बहराइच। हिन्दुस्तान संवाद

जिले के समाजसेवी व देहात संस्था के कार्यकारी डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी आखिरी सांस तक एक योद्धा की तरह कोरोना से लड़ते-लड़ते बुधवार को जिन्दगी से जंग हार गए। न टूटे, न झुके और न कभी हार माना, लेकिन काल ने बजरिए कोरोना उनको जिंदगी की जंग में हरा दिया। उनका अचानक इस संसार से चला जाना जिलेवासियों के लिए बड़ा पीड़ादायक है। परिवारीजनों के अनुसार- हालत गंभीर होने पर उन्हें मंगलवार की शाम अस्पताल में भर्ती कराया जाना था, किन्तु एम्बुलेंस न मिलने की वजह से बुधवार की सुबह उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना की महामारी दुनिया पर कहर बनकर टूटी है। इस बीमारी का तूफान भले ही थम जाए, मगर शायद अब दुनिया पहले जैसी नहीं होगी। इस बीमारी ने क्या आम और क्या खास किसी को नहीं बख्शा है। इसी में देहात संस्था के कार्यकारी, ख्याति प्राप्त समाजसेवी डॉ.जितेन्द्र चतुर्वेदी कई दिन पूर्व कोरोना महामारी की चपेट में आ गए थे। गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज स्थित कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका ऑक्सीजन लेबल लगातार गिरता रहा। बुधवार को अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार की शाम को ही उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही थी, किन्तु एम्बुलेंस न मिलने से वे मंगलवार की जगह बुधवार की सुबह अस्पताल पहुंचे थे। ख्याति प्राप्त समाजसेवी और जिले के गौरव रहे जितेन्द्र का यूं अचानक जाना बहुत ही पीड़ादायक है। मुस्कुराता चेहरा व देश विदेश में अपनी संस्था देहात के माध्यम से समाज के लिए सदैव तत्पर रहने वाले वरिष्ठ समाजसेवी के निधन ने जिलेवासियों को पूरी तरह झकझोर दिया है। उनके असामयिक निधन पर सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। लोगों का कहना है कि डॉ. जितेन्द्र बेहद सरल स्वभाव के व मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी संस्था का कार्य समाज के लिए एक मिसाल है। उनके निधन से जिले को अपूर्णनीय क्षति हुई है। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि जितेन्द्र चतुर्वेदी को बुधवार की सुबह ही एल-2 अस्पताल में भर्ती किया गया था। अपराह्न लगभग दो बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

कोरोना का खुद इलाज करना हो सकता है घातक

बहराइच। हिन्दुस्तान संवाद

कोरोना के हल्के लक्षण का इलाज घर पर रहते हुए भी किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए खुद से किसी दवा का प्रयोग करना उचित नहीं है। कोरोना के शुरुआती दौर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह से ली गई दवाइयां काफी कारगर हैं। इसके सेवन से न सिर्फ अस्पताल जाने से बचा जा सकता है, बल्कि कुछ ही हफ्तों में बीमारी से छुटकारा भी मिल सकता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राजेश मोहन श्रीवास्तव ने लोगों से अपील किया है कि वह स्वयं से कोरोना का इलाज न करें, ऐसा करने पर संक्रमण और भी घातक हो सकता है, इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की ओर से बताई गई दवाइयों का ही सेवन करें। उन्होंने कहा कि कोरोना के हल्के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं बल्कि खुद को परिवार से अलग कर लें जिससे संक्रमण दूसरे तक न फैल सके। इसके अलावा जांच रिपोर्ट का भी इंतजार न करें, लक्षण महसूस होने पर कंट्रोल रूम नंबर पर फोन करके इसकी सूचना दें, जिससे आपको उचित सलाह और आवश्यक दवाइयां मुहैय्या कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना का खुद से ही इलाज न करें। लहसुन, कपूर और अजवाइन जैसी घरेलू चीजों से ऑक्सीजन लेवल में कोई सुधार नहीं होता। जब तक कोई गंभीर मामला न हो अस्पताल जाने से बचें। कुछ लोगों को भ्रम है कि कंट्रोल रूम पर सूचना देने का मतलब अस्पताल जाना होगा, जबकि ऐसा नहीं हैं। कोरोना के हल्के लक्षणों का इलाज घर पर रहते हुए आसानी से किया जा सकता है। इस बीच यदि रोगी की स्थिति गंभीर हो जाती है, तभी उसे अस्पताल जाने की सलाह दी जाएगी।

इनसेट

तापमान बढ़ने पर खाएं पैरासिटामोल

बहराइच। सीएमओ ने बताया कि अगर शरीर का तापमान बहुत अधिक हो और दर्द हो तो हर चार से छह घंटे में पैरासिटामोल 500 मिलीग्राम खाएं। ध्यान रहे कि 24 घंटे में पैरासिटामाॅल की चार खुराक से ज्यादा न खाएं। साथ ही तापमान अधिक होने पर पानी से भीगी हुई तौलिया या रुमाल सिर पर रखें, लेकिन इसके लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।

इनसेट

शरीर में पानी की कमी न होने दें

बहराइच। सीएमओ ने बताया कि पानी पीते रहें, और अगर किसी चीज का स्वाद पता न भी चल रहा हो तब भी पौष्टिक भोजन करते रहें। हालांकि किसी भी तरह के खाने से कोरोना के इलाज होने की बात पता नहीं चली है, लेकिन पौष्टिक खाने से शरीर को जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

1301 की जांच में 143 लोग कोरोना पॉजिटिव

बहराइच। जिले में कोरोना का संकट गहराता जा रहा है। संक्रमण कम होने के बजाए और बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को 143 लोग और कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। विभिन्न महानगरों से आए 60 यात्रियों में से एक यात्री भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।

सीएमओ डॉ.राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को 1301 लोगों का कोविड सैम्पल लिया गया था, जिसमें 143 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 1534 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। 1957 लोगों की रिपोर्ट आना शेष है। उन्होंने बताया कि कुल पाजिटिव केस प्रारम्भ से 9004 हैं। इनमें से 1624 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 88 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। होम आईसोलेशन ओवर में 5484 भर्ती हैं। बुधवार को 223 लोगों ने होम आईसोलेशन ओवर पूरा किया। कुल ऐक्टिव केस की संख्या 1809 रह गई है।

----------------

कोरोना से संबंधित एक खबर और आएगी

संबंधित खबरें