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बहराइच हिंसा: सरफराज को फांसी, 9 आरोपियों को उम्रकैद; 14 महीने में रामगोपाल मर्डर में सजा

बहराइच हिंसा: सरफराज को फांसी, 9 आरोपियों को उम्रकैद; 14 महीने में रामगोपाल मर्डर में सजा

संक्षेप:

यूपी में बहराइच हिंसा में 14 महीने में दोषी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई है। जिला सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि अन्य 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है।

Dec 11, 2025 06:51 pm ISTDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी के बहराइच जिले में महाराजगंज बवाल कांड में कोर्ट ने 14 महीने में बड़ा फैसला सुनाया है। अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई है, जबकि अन्य 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। फैसले के मद्देनजर पुलिस महकमे ने कोर्ट परिसर, जिले व विशेषकर महाराजगंज और आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। कोर्ट परिसर में काफी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।

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हरदी थाने के महाराजगंज में 13 अक्तूबर 2024 को प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर के दौरान हिंसा और रामगांव थाने के रेहुवा मंसूर गांव निवासी राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या के बाद लगभग एक सप्ताह तक बवाल हुआ था। बवाल के मद्देनजर तत्कालीन सीओ महसी रूपेन्द्र गौड़, एएसपी ग्रामीण डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी को हटाया गया था। स्थित सामान्य होने के बाद एसपी वृंदा शुक्ला का भी तबादला किया गया था। 13 अक्तूबर की रात हरदी थाने के अब्दुल हमीद सहित 13 आरोपियों को नामजद कर दंगा, हत्या सहित विभिन्न संज्ञेय धाराओं में केस दर्ज किया गया था। मंगलवार को अदालत ने युवक की हत्या के मामले में 10 आरोपियों को दोषसिद्ध घोषित किया है। एडीजीसी क्रिमिनल प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि तेज पैरवी के चलते कोर्ट में 4 मार्च से साक्ष्य शुरू होकर 26 नवम्बर को पूर्ण हो गए। तीन आरोपियों को संदेह के आधार पर बरी किए जाने, दस आरोपियों पर दोषसिद्ध हो चुका है। फैसला सुरक्षित कर लिया गया था। आज फैसला आया है।

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इस बवाल से जुड़े 12 अन्य मामले भी थानों में दर्ज

इस केस के अलावा दंगे से प्रभावित 10 एफआईआर हरदी थाने व दो मामले रामगांव थाने में दर्ज किए गए थे। तत्कालीन एसएचओ सुरेश कुमार वर्मा को हटाकर कमल शंकर चतुर्वेदी को हरदी थानाध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दंगा पर नियंत्रण व आरोपियों की गिरफ्तारी की थी। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने विवेचना के बाद 11 जनवरी 2025 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। यही नही कोर्ट ने इस मामले में तेजी से संज्ञान लेते हुए 18 फरवरी को 13 आरोपियों पर अपराध तय किए।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey
दीप नरायन पांडेय, डिजिटल और प्रिंट जर्नलिज्म में 13 साल से अधिक का अनुभव। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में कार्यरत रहे। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में हैं। राजनीति के साथ क्राइम और अन्य बीटों पर काम करने का अनुभव। और पढ़ें
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