नमाज के बाद गाय को राष्ट्र माता घोषित किए जाने की मांग उठाई
Bagpat News - बागपत के नूरपुर मुज़बिदा गांव में ईद की नमाज के बाद ग्रामीणों ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है और इसके संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है। बैठक में गौशालाओं की स्थिति और बेसहारा पशुओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

बागपत। खेकड़ा तहसील क्षेत्र के नूरपुर मुज़बिदा गांव में ईद की नमाज के बाद हुई बैठक में ग्रामीणों ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि व्यवस्था में गौवंश की अहम भूमिका रही है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए। बैठक में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में वक्ताओं ने गौवंश संरक्षण, गौशालाओं की स्थिति और बेसहारा पशुओं की समस्या पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि गाय केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय जीवनशैली और खेती-किसानी की रीढ़ भी है।
कहा कि सदियों से भारतीय समाज में गाय को पूजनीय माना जाता रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि बदलते समय में गौवंश संरक्षण की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गाय को राष्ट्र माता घोषित कर उसके संरक्षण के लिए सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाएं। बैठक में बेसहारा गौवंश की समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही। ग्रामीणों ने कहा कि कई क्षेत्रों में गौशालाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है, जिससे पशुओं को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही। लोगों ने प्रशासन से गौशालाओं की व्यवस्था बेहतर करने और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। बैठक के अंत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उनकी मांग प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई जाएगी। लोगों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
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