डीएसओ ऑफिस पर जांच को पहुंची विजिलेंस, कर्मचारियों के बयान दर्ज

Newswrap हिन्दुस्तान, बागपत
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Bagpat News - बागपत में राशन डीलर से रिश्वत लेने के मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी और एआरओ की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आरोप है कि अधिकारियों ने राशन की दुकान आवंटित करने के लिए कमीशन मांगा। विजिलेंस टीम ने कार्यालय में लिपिकों से पूछताछ की और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए।

डीएसओ ऑफिस पर जांच को पहुंची विजिलेंस, कर्मचारियों के बयान दर्ज

बागपत। राशन डीलर से रिश्वत लेने के मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी और एआरओ की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आरोपी अधिकारियों के मोबाइल में मिली कॉल डिटेल के बाद मंगलवार को विजिलेंस टीम बागपत पहुंची। टीम ने आपूर्ति विभाग के कार्यालय में लिपिकों से पूछताछ की। कई कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि दोनों लिपिकों की कॉल डिटेल घटना वाले दिन अधिकारियों के मोबाइल में मिली, जिसके बाद विजिलेंस ने उनसे पूछताछ की। दरअसल, बालैनी क्षेत्र के बुढसैनी गांव निवासी नरेंद्र सिंह को राशन की दुकान आवंटित है। नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि गत माह जैसे ही राशन आया जिला आपूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी और एआरओ जोगेंद्र कुमार उससे कमीशन मांगने लगे थे। उसने कमीशन नहीं दिया तो गत पांच अप्रैल को वे उसकी दुकान पर पहुंचे और ई-पॉश मशीन उठा लाए थे। अगले दिन जब वह जिला आपूर्ति अधिकारी से मिलने कार्यालय पहुंचा तो उन्होंने कमीशन की बात कहते हुए ई-पॉश मशीन लौटा दी थी।

कमीशन न देने पर धमकी

कमीशन न देने पर धमकी दी कि दुकान निरस्त कर दी जाएगी। परेशान होकर नरेंद्र सिंह ने 21 मई को मेरठ विजिलेंस टीम को सूचना दी। 29 मई को विजिलेंस टीम ने बागपत पहुंचकर जिला आपूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगहाथ दबोच लिया था, जबकि एआरओ जोगेंद्र को विजिलेंस टीम ने हापुड़ से गिरफ्तार किया था। दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था। बताया जाता है कि विजिलेंस ने अधिकारियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल चेक की, तो उसमें कार्यालय में तैनात बाबूओं की संलिप्तता मिली। जिसके बाद मंगलवार को इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने नेतृत्व में विजिलेंस टीम बागपत पहुंची। टीम प्रभारी का कहना है कि यह गोपनीय जांच चल रही है, जिसके संबंध में वे कुछ नहीं बता सकते।

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विजिलेंस टीम के पहुंचते ही कार्यालय में मचा हड़कंप

मंगलवार सुबह जैसे ही विजिलेंस टीम जिला आपूर्ति विभाग के कार्यालय पहुंची तो हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारी चुपचाप कार्यालय से निकल भी गए।

कार्यालय में लगवाए जा रहे सीसीटीवी

रिश्वत प्रकरण के बाद जिला आपूर्ति कार्यालय में मंगलवार को सीसीटीवी लगवाए गए। एक कैमरा कार्यालय के बाहरी दरवाजे के पास लगाया गया, जिससे अंदर बैठे अधिकारियों को पता चल सके कि कार्यालय की तरफ कौन आ रहा है। वहीं एक कैमरा कार्यालय के मुख्य भवन के ऊपर लगवाया गया है। जिससे सड़क तक नजर रखी जा सके। लोगों में चर्चा है कि विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद ऐसा किया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मामला कब शुरू हुआ?
यह मामला उस समय शुरू हुआ जब नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कमीशन मांगा।

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