DA Image
20 सितम्बर, 2020|4:45|IST

अगली स्टोरी

थोड़ी राहत पहुंचाने वाला साबित हुआ अनलॉक-3

default image

जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि अनलॉक-2 की अपेक्षा अनलॉक-3 में कम कोरोना रोगी मिले है, लेकिन कोरोना से मौत के मामले बढ़े है। जिससे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है।समूचा देश इस समय कोरोना महामारी की मार से त्रस्त है। बागपत भी इस माहमारी से अछूता नहीं है।

यहां भी अभी तक कोरोना से संक्रमित 886 लोग मिल चुके है, जिनमें से 17 रोगियों की मौत भी हो चुकी है। बता दें कि गत 24 मार्च को देश में लॉकडाउन घोषित हुआ था। जिसके बाद बागपत में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे है। लॉकडाउन-1 में गत 24 मार्च से 14 अप्रैल तक 14 कोरोना पॉजिटिव मिले। लॉकडाउन-2 गत 15 अप्रैल से 3 मई तक 3 कोरोना पॉजिटिव, लॉकडाउन-3 में 8 और लॉकडाउन-4 में 18 कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद देशभर में अनलॉक-1 की शुरुआत हुई। जिसमें लोगों को लॉकडाउन में ढील दी गई।

जिसके नतीजन जिलेभर में कोरोना के मामलों में उछाल आ गया। 1 जून से 30 जून तक चले अनलॉक-1 में कोरोना से संक्रमित 94 रोगी मिले। इसके बाद गत 1 जुलाई से 31 जुलाई तक अनलॉक-2 चला। जिसमें कोरोना के रिकार्ड मामले सामने आए और कोरोना से मौत के मामले भी बढ़े। इस अनलॉक में जिलेभर में कोरोना से संक्रमित 303 रोगी मिले और 4 रोगियों की मौत हुई।

इसके बाद अनलॉक-3 भी अनलॉक-2 की तरह प्रशासन की नींद उड़ाने वाला साबित हुआ। इसमें भी अभी तक 272 कोरोना रोगी मिल चुके है, जबकि 6 कोरोना रोगियों की इस अनलॉक में जान जा चुकी है। सीएमओ बागपत डा. आरके टन्डन का कहना है कि अनलॉक-2 की अपेक्षा, अनलॉक-3 में कम कोरोना रोगी मिले है। जल्द ही कोरोना पर काबू पा लिया जाएगा। कोरोना पर अंकुश के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Unlock-3 proved to be a little relief