Bagpat News: अखंड भारत संकल्प यात्रा में गूंजे राष्ट्रभक्ति के नारे
Bagpat News: बड़ौत में अखंड भारत संकल्प समिति द्वारा अखंड भारत संकल्प यात्रा निकाली गई, जिसका शुभारंभ रेलवे स्टेशन से हुआ। यात्रा में शामिल लोगों ने सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। स्वामी दीपांकर ने हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की और कहा कि वे महासागर की तरह संगठित रहें।

Bagpat News: बड़ौत। अखंड भारत संकल्प समिति के तत्वावधान में रविवार को नगर में अखंड भारत संकल्प यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ बड़ौत रेलवे स्टेशन से हुआ। भगवा ध्वज लेकर बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और अखंड भारत का संदेश दिया गया। यात्रा में स्वामी दीपांकर महाराज, शिव गोरखनाथ आश्रम भगवानपुर नांगल के महंत अर्जुन नाथ महाराज और समाजसेवी रामवीर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेलवे स्टेशन से शुरू हुई यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर पीएन शर्मा पार्क पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारे गूंजते रहे। बाजार में सनातनी बंधुओं की ओर से यात्रा का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। जगह-जगह लोगों ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। कहा कि यात्रा का उद्देश्य लोगों में राष्ट्र के प्रति जागरूकता, सनातन संस्कृति और संस्कारों के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करना है। यात्रा में शामिल लोगों ने अखंड भारत के संकल्प को दोहराते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर परवेंद्र शेखावत, मधुसूदन शास्त्री, अंकित बड़ौली, प्रियंका आर्य, जय कुमार, सतीश एडवोकेट, प्रमोद सभासद, आलोक शास्त्री, वैभव प्रताप, अजय निर्वाण, रकम सोलंकी, अमन गुप्ता, नितिन जैन, प्रवीण, आचार्य रवि शास्त्री व रॉबिन प्रधान आदि मौजूद थे.
एकजुट होकर महासागर बनना है: स्वामी दीपांकर
बड़ौत। स्वामी दीपांकर महाराज ने कहा कि हिंदूओं को जाति में बंटकर एक बूंद की तरह नहीं रहना है। उन्हें एकजुट होकर महासागर के समान रहना है। अपने समुन्द्र होने की ताकत हो पहचानों। कहा कि हिंदू संगठित होकर सभी चुनौतियों का सामना कर सकेगा। पहलगांव में हिंदूओं से जातियां पूछकर गोली मारी गई थी। रक्षाबंधन पर हिदूं बहनों से मुस्लिम भाईयों द्वारा राखी बंधवाने के सवाल पर दीपांकर महाराज ने कहा कि ये एक अच्छा संदेश है। ऐसे काम की प्रशंसा करनी चाहिए। यूजीसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर बैक हो जाना चाहिए।


