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बागपत

नम आंखों से हजारों लोगों ने दी स्क्वाड्रन लीडर अभिनव को अंतिम विदाई

हिन्दुस्तान टीम,बागपतPublished By: Newswrap
Sun, 23 May 2021 03:44 AM
मिग-21 

मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...
1 / 3मिग-21 मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...
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मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...
2 / 3मिग-21 मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...
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मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...
3 / 3मिग-21 मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम...

मिग-21 क्रेश होने से शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की दोपहर उसके पैतृक गांव पुसार पहुंचा,जहां उनके अंतिम दर्शन को जन सैलाब उमड़ा। परिजनों को रोता देख सभी की आंखें नम हो गई। सैनिक सम्मान के साथ अभिनव चौधरी का अंतिम संस्कार हुआ। उनके ताऊ ने मुखाग्नि दी।

भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर रहे अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह करीब नौ बजे मेरठ के गंगा नगर स्थित गंगा सागर कॉलोनी में उनके घर पहुंचा। पार्थिव शरीर को देखते ही पूरी कॉलोनी के साथ गंगानगर के आसपास के लोग भी घर तक पहुंच गए। परिवार के लोगों को रोता देख वहां मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। वायु सेना की टीम ने परिवार के साथ ही करीबी रिश्तेदारों व अन्य लोगों को भी घर में अंतिम दर्शन कराया। इसके बाद वहां से उनके पार्थिव शरीर को लेकर वायु सेना के जवान पैतृक गांव पुसार पहुंचे। गांव के बाहर ही क्षेत्र के सैकड़ों लोग अपने-अपने वाहनों से पहुंच गए। वहां से सभी लोग वायु सेना की गाड़ी के साथ चले,जिसमें अभिनव का पार्थिव शरीर था। युवाओं ने भारत माता की जयकारे लगाए। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रोक-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के दौरान शहीद अभिनव के कुछ परिजनों की तबीयत भी बिगड़ गई। ताऊ सूबे सिंह को चक्कर आ गया और ताई भी बेसुध होकर पड़ गई। पिता सत्येंद्र चौधरी, माता सत्य, बहन मुद्रिका और पत्नी सोनिका का रो रो कर बुरा हाल था। पिता को संभालते हुए अभिनव की बहन मुद्रिका व सोनिका की छोटी बहन मोनिका उनके आसपास ही रहे। शहीद अभिनव के अंतिम दर्शन कर निकलते हुए लोगों के आंखों में आंसू और चेहरे पर भारी मन का भाव साफ दिखाई दे रहा था। उनके घर से ही शहीद की अंतिम यात्रा शुरू हुई। गांव के बाहर श्मशान घाट में शहीद का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान सेना के जवानों ने सलामी दी। ताऊ सूबे सिंह ने अभिनव के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।

बहादुर,निडर व साहसी थे अभिनव चौधरी

बड़ौत। अभिनव चौधरी के पार्थिव शरीर को लेकर पुसार पहुंचे वायु सेना के जवानों ने बताया कि अभिनाव बेहद बहादुर व निडर इंसान थे। वे कभी अपने फर्ज से पीछे नहीं हटे। हमेशा अपनी ड्यूटी पर तैनात रहें। दुश्मनों से दो-दो हाथ करने को हमेशा तैयार रहते थे।

वायु सेना के जवानों ने दी सलामी

दाहा। अंतिम संस्कार से पहले वायु सेना के जवानों ने अभिनव के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए। इसके बाद वायु सेना की टीम ने सलामी दी। वायुसेना की धुन बजाई गई।

भारत माता के जयकारों से गूंज उठा क्षेत्र

दाहा। अभिनव का पार्थिव शरीर के मेरठ पहुंचने की सूचना पुसार उसके पैतृक गांव आई तो पुसार व आसपास के सैकड़ों युवा अपने वाहनो ंसे गांव के बाहरी छोर पर मेरठ की तरफ से आने वाले रास्ते पर जाकर खड़े हो गए। जैसे ही अभिनव का पार्थिव शरीर वहां पर पहुंचा तो भारत माता की जयघोष से क्षेत्र गूंज उठा। युवाओं की आंखों में आंसू और अभिनव के प्रति प्यार देखते ही बन रहा था। अभिनव के पार्थिव शरीर पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा की।

अभिनव कहां तुम चले गए, पत्नी सोनिका का रो-रोकर बुरा हाल

बड़ौत। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे। पत्नी सोनिका का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्हें रोता देख वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। शहीद के पार्थिव शरीर से सोनिका लिपट-लिपट कर रहे रहे थे। उनके अंतिम दर्शन को जन सैलाब उमड़ा।

तिरंगे में लपेटकर आया पार्थिव शरीर

बड़ौत। पंजाब के मोगा से शहीद अभिनव का पार्थिव शरीर पुसार स्थित उनके घर तिरंगे में लिपटकर आया। पत्नी सोनिका, भी पार्थिव शरीर के साथ आईं। उन्हें अधिकारी एक अलग गाड़ी से लेकर यहां आए। पत्नी सोनिका का रो-रो कर बुरा हाल था। कभी अभिनव की मां उन्हें संभालती तो कभी अभिनव की बहन मुद्रिका से लिपट कर रोती।

नहीं रुक रहे थे मां की आंखों के आंसू

बड़ौत। परिवार के इकलौते बेटे की शहादत के बाद अभिनव की मां सत्य चौधरी पूरी तरीके से टूट गईं। बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर वह बेसुध हो गईं। यहां मौजूद महिलाओं और अन्य लोगों ने किसी तरह संभाला। मां ने कहा कि बेटे अभिनव मुझे नहीं पता था कि तुझे पढ़ा लिखा कर यह दिन भी देखना पड़ेगा। बेटा एक बार मां कहकर बुला दे। इस बात की आस को लेकर अभिनव की मां काफी देर तक शव एक एक टक देखती रही।

पिता बोले, मेरा तो सब कुछ ही चला गया

बड़ौत। बेटे अभिनव चौधरी का पार्थिव शरीर देखकर पिता सत्येंद्र चौधरी का भी रो रो कर बुरा हाल था। एक तरफ आंखों में आंसू छलक रहे थे, तो दूसरी तरफ बस यही कहते नजर आए कि मेरा तो सब कुछ चला गया। मुझे नहीं पता था कि मुझे बेटे को भी कंधा देना पड़ेगा,रोज शाम को बेटे से फोन पर बात हाती थी। उसका फोन आता था कि पापा यहां पर सब ठीक है और आप कैसे है। अब उनके पास किसका फोन आएगा।

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मिग-21 की उड़ान पर रोक लगाए सरकार

दाहा। पंजाब विमान हादसे में शहीद हुए पायलट अभिनव चौधरी का उसके पैतृक गांव पुसार में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत ने पैतृक गांव पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार से फाइटर प्लेन मिग-21 की उड़ान पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फाइटर जेट विमान मिग-21 के क्रैश होने से अब तक 200 से ज्यादा फाइटर पायलट की मौत हो चुकी है। जिससे कई घरों और सरकार की संपत्ति की बड़ा नुकसान हुआ है। सरकार से जनता अपील कर रही है कि इन फाइटर जेट विमानों की उड़ान पर रोक लगनी चाहिये। उन्होंने सरकार से शहीद परिवार को उचित सम्मान देने की मांग की।

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जनप्रतिनिधियों व क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, विधायक सहेन्द्र रमाला, योगेश धामा, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, राजकुमार सांगवान, सुनील एड., डॉ कुलदीप उज्जवल, एसडीएम बडौत दुर्गेश मिश्र व सीओ योगेन्द्र सिंह , राजेन्द्र चौधरी, बिजेन्द्र सिह समेत गणमान्य लोगों ने शहीद का नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी।

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