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22 सितम्बर, 2020|10:24|IST

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जनता से सीधे चुने जाए जिला पंचायत अध्यक्ष

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उत्तर प्रदेश में आगामी त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर दो बच्चों की बाध्यता के साथ न्यूनतम शैक्षिक योग्यता तय करने की कवायद चल रही है। इसी क्रम में सरकार ने एक और बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। दरअसल, सरकार जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव भी ग्राम प्रधान की ही तरह सीधे जनता से करवाने का भी मन बना लिया है।

इसके लिए केन्द्रीय पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है। उधर हिन्दुस्तान व्हाट्सएप संवाद में राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी कहा है कि जनता से सीधे जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराया जाना उचित होगा और इससे धनबल और बाहुबल को करारा झटका लगेगा। सदस्यों की खरीद-फरोख्त, अविश्वास प्रस्ताव पर विराम और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

जिला पंचायत परिषद के सदस्य एवं सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी का जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जनता से कराने जैसे प्रस्ताव स्वागत योग्य है । पहली बात यह है कि इस तरह के संविधान संशोधन होने से धनबल और बाहुबल को करारा झटका मिलेगा। सदस्यों की खरीद-फरोख्त नहीं होगी। अविश्वास प्रस्ताव लाने का कोई मामला ही नहीं रहेगा और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।

सपा जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने की तैयारी अच्छी बात है लेकिन इसे धरातल पर उतारने की जरूरत है। सिर्फ केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजने से ही सबकुछ संभव नहीं है। जब तक समूचे देश की सहमति नहीं बनेगी, केन्द्र सरकार के स्तर पर प्रस्ताव पास होना मुश्किल काम है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं रालोद नेता सतीश चौधरी का कहना है कि सरकार का निर्णय जनहित में सही है लेकिन इस तरह का कानून कब तक बन पाएगा, यह कहना मुश्किल है। जनता से सीधे चुनाव होने से क्षेत्र का विकास सुनिश्चित है। हसनपुर मंसूरी निवासी पूर्व सपा जिलाध्यक्ष संजीव यादव का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए यह सही कदम है।

बसी निवासी रामेश्वर दयाल पंवार एड. को कहना है कि जब आगामी पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की योग्यता तय करने की बात की जा रही है तो इसी के साथ ही जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के चुनाव भी सीधे जनता से ही करवाने के लिए संविधान में संशोधन करवाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर इनका चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाता है तो भ्रष्टाचार और सदस्यों की खरीद फरोख्त रोक लगेगी।

रालोद नेता संजीव मान ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से ही कराना चाहिए। यह सरकार का एक अच्छा कदम होगा। इससे जिंप चुनाव में होने वाली खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। युवा रालोद नेता विश्वास चौधरी ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे जनता से कराए जाने के निर्णय का वह स्वागत करते है। इससे राजनीति में फैली गंदगी कम हो सकती है। स्वच्छ राजनीति के लिए यह कमद उठाया जाना जरुरी है।

कांग्रेस शहर अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद व ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सीधे होने से जनता को लाभ होगा। राजनीति से भ्रष्टाचार कुछ हद तक समाप्त होगा। जिला पंचायत सदस्यों को लेकर होने वाली खरीद-फरोख्त पर लगाम लगेगी। राजनीति से भ्रष्टाचार को समाप्त करने वाला अच्छा कदम होगा।

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  • Web Title:The District Panchayat President should be elected directly from the public