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बागपत

सूर्पनखा प्रसंग एवं खरदूषण वध लीला का हुआ मंचन

हिन्दुस्तान टीम,बागपतPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 10:30 PM
सूर्पनखा प्रसंग एवं खरदूषण वध लीला का हुआ मंचन

श्री रघुवर रामलीला समिति ठाकुरद्वारा में सूर्पनखा प्रसंग एवं खरदूषण वध की लीला का मंचन हुआ। साथ ही मायावी सूर्पनखा ने मायावी रूप धारण कर भगवान श्रीराम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा। बाद में असली चरित्र सामने आने पर सूर्पनखा का नाक काट दिया गया।

रामलीला मंचन के दौरान 14 वर्ष वनवास के अंतिम समय में राम लक्ष्मण सीता पंचवटी में कुटिया बनाकर रहने लगे । इसी बीच रावण की बहन सुर्पनखा पंचवटी में घूमते घूमते राम लक्ष्मण सीता की कुटिया के पास पहुंच जाती है। राम का सुंदर रूप देखकर वह भगवान श्रीराम पर मोहित हो जाती है तब वह मायावी रानी बनकर राम के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है जिसे राम यह कहकर ठुकरा देते हैं कि मैं एक विवाहित हूं तो सूर्पनखा कहती है कि कोई बात नहीं। तब सूर्पनखा लक्ष्मण को प्रेम का प्रस्ताव रखती है। इन दोनों से विवाह का प्रस्ताव ठुकराने पर वह अपने असली राक्षसी रूप में आकर सीता को परेशान करने लगती है। इसी बीच राम के कहने पर लक्ष्मण सुर्पनखा के नाक व कान काट लेते हैं। इस अपमान का बदला लेने के लिए पंचवटी के राजा खरदूषण के पास जाती है और उनको उल्टी-सीधी बातें बता कर युद्ध के लिए प्रेरित करती है। राम लक्ष्मण खरदूषण में भयंकर युद्ध होता है। अंत में राम लक्ष्मण के हाथों से हर वधु शंका वध हो जाता है । राम आशीष रूहेला ,लक्ष्मण काकू शर्मा, सीता नीरज बावरिया , खरदूषण सुजीत लखेरा, सुमित त्यागी जोकर सोनू गुप्ता सेनापति कर्मवीर चौहान राजू चौहान सुपनखा इलू फौजदार पिंटू कश्यप संदीप शर्मा वे सचिन जैन के सुपनखा के रानी राक्षसी रूप देखकर दर्शकों ने वाही वाही कर खूब तालियां बजाई। रामलीला मंचन के दौरान अध्यक्ष संजय रोहिल्ला नंदलाल डोगरा मोंटी चौहान प्रकाश चिकारा दीपक सिंधी गोपाल वर्मा सुरेश वर्मा बॉबी जैन सौरभ गुप्ता लवी जैन सुमित अरोरा महेश चंद शर्मा सतीश गुप्ता आनंद जयपाल राजेश गुलियानी गगन जैन राकेश गुप्ता राजपाल चौधरी प्रेम गुलियानी शहीद सैकड़ों लोग मौजूद रहे ।

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