झटका: बच्चों का स्कूली सफर भी 30 प्रतिशत तक महंगा

Newswrap हिन्दुस्तान, बागपत
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Bagpat News - बड़ौत में स्कूलों ने फीस में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है, जिससे अभिभावकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। किताबों और ट्रांसपोर्ट के नाम पर भी अभिभावकों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। वैन का किराया 1200 रुपये से बढ़कर 2200 रुपये हो गया है, जिससे बजट बिगड़ गया है।

झटका: बच्चों का स्कूली सफर भी 30 प्रतिशत तक महंगा

बड़ौत। महंगी होती जा रही शिक्षा के बीच स्कूलों ने शासन के आदेशों को ताक पर रखकर फीस वृद्धि कर दी है। 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ट्रांसपोटेशन के नाम से फीस बढ़ाकर अभिभावकों की मुसीबतें बढ़ा दी है। पहले से ही स्कूलों ने किताबों के नाम पर भी अभिभावकों को महंगाई का झटका दिया हुआ है। पिछले साल की तुलना में किताबों के सेट कई गुने तक महंगे खरीदने पड़ रहे हैं। कानून को ताक पर रखकर स्कूलों ने एक ही दुकान से किताब खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया हुआ है। जूते-मौजे के नाम पर भी अभिभावक चक्करधिन्नी बने हुए हैं।

स्कूलों ने नए सत्र में ऐसे आर्टिकल के जूते लगा दिए हैं, तो एक निर्धारित दुकान पर ही मिल रहे हैं। वहां पर जूते की कीमत आसमान छू रही हैं। अभिभावकों की सबसे बड़ी चिंता अब ट्रांसपोटेशन ने बढा दी है। अभिभावकों राजेश जैन, ज्योति, सचिन शर्मा, अमित कश्यप का कहना है कि गत वर्ष शहर के अंदर वैन का भाड़ा 1200 रुपये था। अब वैन ने किराया 2200 रुपये कर दिया है। इससे बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। यह हालत हजारों अभिभावकों की है। स्कूल ट्रांसपोर्ट की बढ़ी फीस अभिभावकों की मुसीबत बढ़ा रही है। स्कूलों ने चुपके से फीस पर झटका दिया। अब बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने के इंतजाम भी पहुंच से बाहर हो रहे हैं। एक ओर जहां स्कूलों ने ट्रांसपोर्ट चार्ज को बढ़ा दिया है। वहीं वैन और ऑटो ने भी अभिभावकों बड़ी टेंशन दे दी है।-------मानक पूरे नहीं फिर भी जेब पर डाका:शहर में स्कूली बच्चों के लिए लगे वाहन मानक पूरे नहीं कर रहे हैं। इसके बाद भी जेब पर डाका पड़ रहा है। अभिभावकों के सामने मजबूरी यह है कि उनके पास बच्चों को स्कूल तक भेजने का उन्हीं वैन का सहारा है। स्कूल अपने स्तर से हर कोशिश कर रहे हैं ताकि अभिभावकों को समस्याएं ना हों। पिछले दो साल से कोई शुल्क नहीं बढ़ायी गयी जबकि स्कूलों के लिए खर्चे बढ़े हैं। इसके बाद भी स्कूल उस अनुपात को देखते हुए काफी कम वृद्धि कर रहे हैं।------डेढ़ हजार रुपये तक बढ़ दिया गया है स्कू्ल वैन का किरायाशहर के ज्यादातर स्कूलों में ट्रांसपोर्ट का माध्यम वैन और ऑटो हैं। सीएनजी की बढ़ी कीमतों ने वैन का किराया दो गुना तक कर दिया है। स्थिति यह है शायद ही कोई ऐसा रूट बना हो जहां पर वैन और ऑटो का किराया ना बढ़ा हो। इसका असर अभिभावक की बढ़ी हुयी मुश्किलों के रूप में सामने आया है।

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