DA Image
27 सितम्बर, 2020|3:57|IST

अगली स्टोरी

जैन पर्यूषण पर्व पर घरों में हुए अनुष्ठान

जैन पर्यूषण पर्व पर घरों में हुए अनुष्ठान

कस्बे में दस लक्षण पर्व के नौवे दिन श्रद्वालुओं ने उत्तम अकिंचय धर्म की पूजा अर्चना की। जैन मन्दिरों में सीमित श्रद्धालु रहे, जबकि घरों में आयोजन हुए।क्षेत्र के बडागांव स्थित त्रिलोक तीर्थ धाम जैन मन्दिर, अतिशय क्षेत्र प्राचीन दिगम्बर जैन मन्दिर, कस्बेकेभगवान महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर, श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन बडा मन्दिर, आदिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, चंद्रप्रभु दरबार आदि मे दस लक्षण पर्व के नोवे दिन सोमवार को सीमित रूप में धार्मिक कार्यक्रम हुए।

श्रद्वालुओ नेअपने घरों में भगवान महावीर, भगवान शान्तिनाथ, भगवान पार्श्वनाथ की विशेष पूजा अर्चना कर धर्म लाभ उठाया। इस दौरान त्रिलोक चंद जैन, दिनेश जैन, नरेश कुमार जैन, राहुल जैन, सुमेर जैन, प्रवीन जैन, अमित जैन, अजय जैन, विरेंद्र कुमार जैन, संजय जैन, मनोज जैन, कमल जैन, प्रदीप जैन, राजेश जैन, अजेश जैन, मुनील जैन, विकास जैन, रीना जैन, नीतू जैन आदि श्रद्वालु मौजूद रहे।

श्रीराम का यह कार्य त्याग था उत्तम अकिंचन धर्म

मन के परिग्रह को त्यागने वाला श्रावक ही वास्तविक रूप में अकिंचन धर्म अंगीकार कर सकता है। जिसने परिग्रह का त्याग नहीं किया वह अकिंचन धर्म का पालन करने का अधिकारी नहीं हो सकता है, इसलिए प्रत्येक श्रावक को अंदर के परिग्रह को मिटाना होगा।

जैन मिलन के संरक्षक जनेश्वर दयाल जैन ने बताया कि जब श्रीराम का राज तिलक होना था और राजा दशरथ का वैराग्य हो गया, तो श्रीराम ने कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए, लेकिन पूरा जगत मिल गया। श्रीराम का यह कार्य त्याग आकिंचन कहलाता है। जैसे जल से भिन्न कमल होता है वैसे श्रीराम भी ग्रहस्थ में रहकर निरलिप्त रहे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Rituals performed in homes on Jain Paryushan festival