Bagpat News: पहाड़ी क्षेत्रों की बारिश से यमुना में बढ़ा जलस्तर, खादर क्षेत्र के किसानों की बढ़ी चिंता
Bagpat News: यमुना नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी से खादर क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश जारी रहने पर नदी के कटान की आशंका है। ठोकर निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे किसानों को नुकसान का डर है। प्रशासन नजर रख रहा है जबकि किसानों की निगाह मौसम और नदी के रुख पर है।

Bagpat News: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब यमुना नदी पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले काफी समय से लगभग सूखी पड़ी यमुना में धीरे-धीरे पानी बढ़ने लगा है। जलस्तर में आई इस बढ़ोतरी ने यमुना खादर क्षेत्र के किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ा दी है।
किसानों की चिंताएं
किसानों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जलस्तर तेजी से बढ़ा, तो नदी दोबारा कटान शुरू कर सकती है। शबगा गांव के पास यमुना किनारे कटान रोकने के लिए ठोकर निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के कारण निर्माण प्रभावित होने लगा है। ग्रामीणों उपेंद्र पंवार, ओमप्रकाश, इकबाल आदि का कहना है कि अब तक निर्माण कार्य 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में यदि नदी का बहाव और तेज हुआ तो अधूरा निर्माण कार्य कटान रोकने में कितना कारगर होगा, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जीविका पर संकट
जागोस में यमुना किनारे रहने वाले किसानों सुरेंद्र शर्मा, रामकुमार शर्मा, सत्यदेव आदि का कहना है कि पिछले वर्षों में नदी के कटान से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि और फसलें भारी नुकसान झेल चुकी हैं। कई किसानों की जमीन यमुना की धारा में समा गई थी। ऐसे में एक बार फिर पानी बढ़ने से उनमें भय का माहौल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोकर निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो इस बार भी कटान से खेतों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ठोकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि यमुना किनारे बसे गांवों और किसानों की जमीन को कटान से बचाया जा सके।
प्रशासनिक निगरानी
फिलहाल प्रशासन की ओर से यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है, जबकि किसान मौसम और नदी के रुख पर लगातार निगाह बनाए हुए हैं।
सामान्य प्रश्न
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