Hindi NewsUttar-pradesh NewsBagpat NewsRising Temperatures in Baghpat Impact on Health and Wheat Production
दिनभर खिली रही धूप, तापमान बढ़ने से गेहूं को नुकसान

दिनभर खिली रही धूप, तापमान बढ़ने से गेहूं को नुकसान

संक्षेप:

Bagpat News - बागपत में पिछले कुछ दिनों से धूप ने ठंड को राहत दी है, लेकिन बढ़ते तापमान ने स्वास्थ्य और कृषि को चिंता में डाल दिया है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो गेहूं की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में वृद्धि से फसलों को नुकसान हो सकता है।

Jan 21, 2026 11:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बागपत
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बागपत। पिछले कुछ कई दिनों से खिल-खिलाती धूप ने ठिठुरन भरी ठंड को राहत में बदल दिया है। शीतलहर का प्रकोप अब पहले जैसा नहीं रहा। गुनगुनी धूप लोगों को सुकून दे रही है, लेकिन दिन में बढ़ते तापमान और रात के समय गिरते पारे ने स्वास्थ्य और कृषि दोनों क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। पिछले चार दिनों में अधिकतम तापमान सात डिग्री चढ़कर 24 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जो रबी की फसलों के लिए अनुकूल नहीं है। गेहूं की फसल के लिए 18-19 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है। बढ़ता तापमान सरसों पर कीटों का खतरा भी बढ़ा रहा है।

वहीं, बुधवार को भी तेज धूप ने अपनी दस्तक दी। लोगों ने गर्मजोशी से धूप का आनंद लिया। बाजार, पार्क और मकानों की छतों पर लोग सूरज की गर्माहट को महसूस करते देखे गए। वहीं, बार-बार बदल रहे मौसम का दूसरा पहलू भी है। चढ़ते-उतरते तापमान के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की समस्या बढ़ रही है। डाक्टर खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। फिजिशियन डा. श्रवण कुमार ने बताया कि मौसम के अनुसार खुद को ढालने की आवश्यकता। गर्म कपड़े पहनना, खानपान में गर्म तरल पदार्थों को शामिल करना और ठंडे स्थानों से बचाव करना जरूरी है। बढ़ते तापमान से गेहूं का उत्पादन हो सकता है कम मौसम के इस बदलाव ने किसानों को भी चिंता में डाल दिया है। गेहूं और सरसों की फसल पर तापमान का सीधा असर पड़ता है। कृषि वैज्ञानिक डा. संदीप चौधरी ने बताया कि गेहूं की सही बढ़वार के लिए अधिकतम तापमान 18-19 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। तापमान अधिक होने पर गेहूं के दाने छोटे और कम हो जाते हैं, जिससे उत्पादन घट सकता है। दूसरी ओर बढ़ते तापमान के कारण सरसों पर माहु कीट का हमला हो सकता है। ये कीट पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं और फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर बुरा असर डालते हैं। फिलहाल फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन अगर तापमान में वृद्धि जारी रही, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

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